सर्वे में दावा- PM मोदी की रैली के बाद बदले दिल्ली के समीकरण

दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Elections) के लिए सभी पार्टियों ने अपनी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों के बाद दिल्ली में पलड़ा भाजपा के पक्ष में भारी हो गया है। मतदाताओं का माहौल बीजेपी के पक्ष में बनता दिखने लगा है। बीजेपी के इंटरनल सर्वे में पार्टी को 27 और आप को 26 सीटें मिलती दिख रही हैं। कांग्रेस को 8 से 9 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। बाकी की सीटों पर बीजेपी और आप के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की रैली के बाद ग्रामीण इलाकों में बीजेपी की स्थिति और सुधरने की उम्मीद है। इस इंटरनल सर्वे के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने मतदाताओं के सामने शाहीन बाग, सर्जिकल स्ट्राइक, बाटला हाउस जैसे मुद्दों पर जिस तरह खुलकर अपनी बात सामने रखी है, उसका लोगों पर काफी असर पड़ता दिख रहा है। पार्टी नेताओं के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम को जिस तरह से वेस्ट दिल्ली के द्वारका इलाके में चुनावी रैली की, उससे दिल्ली के मतदाताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। खासतौर से वेस्ट दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में बीजेपी की स्थिति और सुधरने की उम्मीद है। सर्वे में बताया गया है कि मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी सेंध नहीं मार पा रही है और वहां पार्टी को नुकसान होता हुआ दिखाई दे रहा है।

केजरीवाल से मतदाताओं का मोहभंग

आखिर दिल्ली के मतदाताओं का केजरीवाल से मोहभंग होने के पीछे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के झूठे वादे और तुष्टिकरण की नीति को बताया जा रहा हैं। केजरीवाल सियासी मैदान में राजनीति के कीचड़ को साफ करने के लिए उतरे थे, लेकिन खुद उस दलदल में फंसते गए। उन्होंने दावा किया था कि आम आदमी पार्टी किसी दागी को उम्मीदवार नहीं बनाएगी, लेकिन सत्ता में आते ही उसे भुला बैठे। एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) के रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के आधे से अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आम आदमी पार्टी के 70 उम्मीदवारों में से 36 पर आपराधिक मामले दर्ज है।

केजरीवाल की सरकार दिल्ली में भ्रष्टाचार और ईमानदारी के दम पर सत्ता में आयी थी, जिसे सत्ता हासिल होते ही उनकी पार्टी ने भुला दिया। आम आदमी पार्टी की सरकार में कानून मंत्री को जालसाजी और फर्जी डिग्री के आरोप में दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके एक और मंत्री सोमनाथ पर भी महिला उत्पीडन का आरोप लगा और मामला अभी कोर्ट में है।

केजरीवाल के गलत नीतियों के कारण ही बहुत सारे लोग जो शुरू में उनके साथ थे उन्होंने भी उनका और उनकी सरकार का साथ छोड़ दिया। ऐसे साथियों ने जिन्होंने केजरीवाल से किनारा कर लिया है,उनमे मुख्या है : अरुणा रॉय, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, योगेन्द्र यादव, शाजिया इल्मी, स्वामी अग्निवेश, अंजलि दमानिया, कुमार विश्वास और आशुतोष ।

केजरीवाल ने आंदोलन और राजनीति में जिन लोगों का साथ लिया उनको अपनी सोच मनवाने के लिए मजबूर करते रहे, जो मजबूर नहीं हुए उन्होंने साथ छोड़ दिया और जो मजबूर हैं आज उनके साथ हैं।

11 फरवरी को आएगा रिजल्ट

दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Election 2020) के लिए महीने भर से जारी धुंआधार प्रचार कल शाम को थम जाएगा और अपनी अपनी जीत का दावा कर रहे पार्टियों के बीच जनता के मन में ये सवाल रह जायेगा की आखिर कौन सी पार्टी इस बार सत्ता पर काबिज होगी।

दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर चुनाव में मुख्यतौर पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही मुकाबला है। विधानसभा चुनाव प्रचार कल शाम को थमेगा और वोट आठ फरवरी को वोट डाले जाएंगे। मतों की गिनती 11 फरवरी को होगी।