अब सीआरपीएफ के काफिलों के लिए होगी बख्तरबंद गाड़ियाँ

• कश्मीर घाटी में अपने कर्मियों के काफिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बख्तरबंद गाड़ियाँ खरीदेगा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल

• 30 सीटो वाली बस की खरीददारी भी करेगा सीआरपीएफ

• कश्मीर घाटी में तैनात बल की प्रत्येक बटालियन को बम निरोधी दस्ता उपलब्ध कराया जाएगा – सीआरपीएफ प्रमुख

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक ने सोमवार को जानकारी दी कि सीआरपीएफ कश्मीर घाटी में अपने कर्मियों के काफिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बख्तरबंद गाड़ियों (एमपीवी) के नए बेड़े और 30 सीटों वाली बसों की खरीददारी करेगा| इसके साथ ही अर्द्धसैनिक बल ने आतंकवाद रोधी एवं कानून-व्यवस्था संबंधी कर्तव्यों के निर्वाह के लिए कश्मीर घाटी में तैनात अपनी 65 बटालियनों के लिए अपने बम निरोधी दस्ते को भी बढ़ाने का भी फैसला किया है।

Pulwama_attack

बताया जा रहा है कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद सीआरपीएफ ने यह फैसला उपाय के तौर पर लिया है| सर्वविदित है कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में जम्मू से श्रीनगर जा रहे काफिले की एक बस में सवार 40 कर्मी उस वक़्त शहीद हो गए थे जब आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन से बस को टक्कर मार दी थी|

इस सन्दर्भ में सीआरपीएफ के महानिदेशक आर. आर. भटनागर ने बताया कि, ‘हम कश्मीर में अपनी आईईडी रोधी क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं। हम और बख्तरबंद गाड़ियां खरीद एवं भेज रहे हैं और बल की बसों को बुलेट प्रूफ बना रहे हैं। बड़ी बसों को बख्तरबंद बनाना मुश्किल है इसलिए हम 30 सीटों वाली छोटी बसों को खरीदने के बारे में विचार कर रहे हैं, जिन्हें बेहतर तरीके से बख्तरबंद किया जा सके।’

CRPF_In_Kashmir

इस दौरान सीआरपीएफ प्रमुख ने यह भी कहा कि “यह तय किया गया है कि कश्मीर घाटी में तैनात बल की प्रत्येक बटालियन को बम निरोधी दस्ता उपलब्ध कराया जाएगा|” उन्होंने आगे जोड़ा कि पुलवामा जैसे हमलों से निपटने के लिए काफिले की आवाजाही एवं सुरक्षा के नए तरीकों पर गौर किया गया है।

जाहिर है कि आतंक का हल तभी मुमकिन है जब देश की सेना उससे निपटने के लिए सशक्त और मजबूत हो, जिस बात को लेकर मौजूदा सरकार भी खासी गंभीर है| ऐसे में यह लाजमी है कि सीआरपीएफ द्वारा उठाया गया यह कदम बेशक ही उसके कर्मियों के काफिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका अदा करेगा|