शहीदों की कुर्बानी को हम किसी किमत पर नही भूल सकते : मोदी

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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शौर्य दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहादुर अधिकारियों को सलाम किया। उन्होंने देश की रक्षा के लिए 1965 में बलिदान देने वाले गुजरात के सरदार पटेल पोस्ट में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों की साहस को याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘सीआरपीएफ इंडिया के साहस का द्योतक है। सीआरपीएफ के शौर्य दिवस पर मैं इस बहादुर बल को सलाम और 1965 में गुजरात के सरदार पटेल पोस्ट में तैनात हमारे सीआरपीएफ कर्मियों की बहादुरी को याद करता हूं। वीर शहीदों की कुर्बानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।’

गृह मंत्री ने भी दी बधाई

गृह मंत्री अमित शाह ने भी सीआरपीएफ के शूरवीरों को नमन किया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ’09 अप्रैल 1965 को गुजरात के रण (कच्छ) में स्थित ‘सरदार पोस्ट’ पर 

सीआरपीएफ की एक छोटी सी टुकड़ी ने अपने से कई गुना अधिक संख्या वाली हमलावर दुश्मन फौज को हरा कर इतिहास रचा था। अदम्य साहस, वीरता और बलिदान के प्रतीक सीआरपीएफ ‘शौर्य दिवस’ की सभी को बधाई व हमारे वीर शहीदों को नमन्।’

सीआरपीएफ की वेबसाइट के अनुसार, 9 अप्रैल 1965 को सीआरपीएफ की दूसरी बटालियन के एक छोटे दल ने गुजरात में कच्छ के रण के पास सरदार चौकी पर पाकिस्तान की एक ब्रिगेड (3000 जवान से अधिक) के हमले को नाकाम कर दिया था इसमें सीआरपीएफ बलों द्वारा 34 पाकिस्तानी सैनिक मारे गिराए गए थे और 4 सैनिकों को पकड़ लिया गया था।

सीआरपीएफ देश में किसी भी दुश्मन से निपटने के लिये तैयार

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) देश में कोरोना वायरस महामारी के रूप में अदृश्य और तेजी से फैलने वाले दुश्मन से निपटने के लिये पूरी तरह से तैयार है। बल के प्रमुख ने बृहस्पतिवार को यह कहा। सीआरपीएफ के महानिदेशक ए पी माहेश्वरी ने बल के शौर्य दिवस के अवसर पर कर्मियों के नाम एक संदेश में उनसे इस मुश्किल समय में देश की सेवा के लिये मजबूत और तंदुरूस्त बनने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘प्यारे साथियों, जब मुश्किल वक्त है तब एकजुटता ही हमारी पहचान है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज, समूचा देश कोविड-19 के चलते मुश्किल समय का सामना कर रहा है। मैं खुश हूं कि आप इस अदृश्य एवं तेजी से फैलने वाले दुश्मन से लड़ने वाले लोगों की मदद के लिये पूरी तरह से तैयार हैं।’’ 

महानिदेशक ने कहा कि इस अवसर पर होने वाले सभी कार्यक्रम महामारी के मद्देनजर फिलहाल स्थगित कर दिये गये हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि जो सीआरपीएफ कर्मी ड्यूटी पर शहीद हुए उन्होंने अपनी असाधारण बहादुरी, देशभक्ति और बलिादन का इस दिवस पर एक स्वर्णिम इतिहास लिखा है। उन्होंने ट्विटर पर जारी एक संदेश में शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की


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