गलवान में मारे गये अपने जवानों को दफनाने पर धूर्त चीन ने लगाया रोक

एक तरफ भारत है जिसने गलवान घाटी में हुए शहीद 20 जवानों को पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया वही धूर्त चीन है जो एक तरफ तो ये बता भी नही रहा है कि उसके कितने जवान भारतीय जवानों के हाथो मारे गये तो अब खबर आ रही है कि चीन उनके परिवार को जवानो के क्रिया कर्म करने पर भी रोक लगा दी है।

अंतिम संस्‍कार समारोह में कोई शामिल नहीं होगा

अमेरिका के एक खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन ने अपनी गलतियों को छिपाने के लिए गलवान घाटी में मारे गए अपने सैनिकों के शीर्ष बलिदान को स्‍वीकार करने से बच रहा है। यही नहीं चीन गलवान घाटी में मारे गए अपने सैनिकों के परिवार वालों पर भी दबाव डाल रहा है कि वे शवों को दफनाएं नहीं और कोई कार्यक्रम भी आयोजित नहीं करें। अमेरिकी सूत्रों ने बताया कि चीन के सिविल अफेयर्स मंत्रालय ने मारे गए सैनिकों के परिवारों से कहा है कि उन्‍हें परंपरागत तरीके से इन सैनिकों को नहीं दफनाना होगा बल्कि उनका अंतिम संस्‍कार करना होगा। अंतिम संस्‍कार समारोह में कोई शामिल नहीं होगा और उसे दूर से किया जाए। चीन ने कोरोना वायरस का नाम देकर ऐसा करने के लिए कहा है। चीन की कोशिश की है कि गलवान संघर्ष के बारे में कम से कम लोगों को पता चले। चीन सरकार के इस फैसले से मारे गए चीनी सैनिकों के परिवार वाले गुस्‍से में हैं। चीन सरकार अब इन परिवार को शांत कराने में जूझ रही है। ये लोग वीबो और अन्‍य सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म का इस्‍तेमाल करके अपना दुख साझा कर रहे हैं। चीन को डर सता रहा है कि अगर मारे गए सैनिकों के कब्र की फोटो सोशल मीडिया अं‍तरराष्‍ट्रीय मीडिया में आ गईं तो उसकी छवि को गहरा धक्‍का लगेगा।

सेना में नही शामिल होना चाहते चीन के लोग

जिस तरह से ड्रैगन अपने फौज के जवानो के साथ बर्ताव करता है उसके बाद चीनी लोग फौज में भर्ती नही होना चाहते है। लेकिन चीनी सरकार के नियम के मुताबिक देश के हर नागरिक को कुछ साल तक फौज में रहना ही पड़ता है और जो इस नियम को नही मानते उसे कठोर दंड दिया जाता है। वैसे भी चीन की फौज को विश्व एक फौज न मानकर ‘एक पार्टी की फौज’ मानती है। ऐसे में चीनी फौज के भीतर अपनी सरकार को लेकर अक्रोश भी देखा गया है। हालाकि चीनी प्रशासन उसे दबाता रहा है। लेकिन इस बार अपनी छवि को बचाने में लगे ड्रैगन वो मनमानी कर रहा है जो मानवता के लिए एक कठोर कदम कहा जा सकता है। इतना ही नही चीन जो जवान गलवान में मारे गये है उनके परिवार के साथ भी काफी बुरा बर्ताव करने में लगा है और वो ये सब इस लिए करना चाहता है कि जिससे उसकी हकीकत न खुले कि वो इस बार पिट कर सीमा से वापस हो रहा है.

बरहाल चीनी रुख से ये तो साफ हो रहा है कि चीनी जवान को भारतीय जवानो ने अच्छा सबक सिखाया है वही भारतीय जवानों के हाथो 40 चीनी जवानों के मारे जाने की खबर भी ठीक है तभी तो चीन इस बात को दबाने में लगा है। लेकिन शी जिंगपिंग ये जान ले कि सच को कितना भी छुपाओ वो बाहर जरूर आता है।