छोटे किसानों के हितों को गिनाकर, कृषि बिल का विरोध करने वालो पर साधा शाना

राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर विपक्ष को सुनने के बाद बारी थी उसे जवाब देने की। इस बाबत पीएम मोदी ने जमकर विपक्ष पर प्रहार करते हुए बताया कि पहले सिर्फ बड़े किसानों की फ्रिक की जाती थी लेकिन अब उनकी सरकार में छोटे किसानों का भी हित रखा जाता है

छोटे किसानों का पूरा पूरा सरकार रख रही ध्यान

किसान की आय दोगुनी हो इसके लिये मोदी सरकार पहले दिन से ही काम कर रही है। लेकिन पीएम मोदी ने राष्ट्रपति भाषण में साफ किया कि उनकी सरकार में छोटे किसानों की हालत में काफी सुधार हुआ है। उन्होने इस बाबत बोला कि पहली कि सरकारे केवल कर्ज माफी की बात करती थी जिसका फायदा बड़े किसानों को तो होता था लेकिन छोटे किसानों को नहीं और इसके पीछे की वजह ये थी कि पहले छोटे किसानों के बैंक में खाते ही नही होते। जिससे वो बैंक से लोन ही नही ले पाते थे तो चुकाने की बात तो दूर की कौड़ी थी। लेकिन उनके सरकार ने छोटे किसानों न केवल खाते बैंक में खुलवाये बल्कि पीएम सम्मान निधि के जरिये छोटे किसानों के खाते में पैसा भी भेजा। इतना ही नहीं फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ाकर इस योजना से छोटे किसानों को भी जोड़ा। मोदी सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की जद में छोटे किसानों को भी जोड़ा जो पहले क्रेडिट कार्ड के नाम से ही घबड़ाते थे। इसके साथ साथ मोदी सरकार का पहला शासन होगा जब आज यूरिया को लेकर लड़ाई नही सुनाई देती है। क्योकि यूरिया का नीम कोटिंग करके 100 फीसदी कालाबाजारी बंद करके छोटे किसानों की राह आसान हुई है। इसी तरह छोटे और सीमांचल किसानों को पेंशन देकर सरकार ने किसानों को मजबूत किया तो वही किसान रेल और किसान उड़ान के जरिये छोटे किसानों को फायदा पहुंचा हैं क्योकि अब उनका सामान वो ज्यादा दाम में भारत में कही भी बेच सकते है।

 

अफवाह से सावधान रहने की अपील

पीएम मोदी ने एक बार फिर किसानों से अपील की है कि वो आंदोलन का रास्ता छोड़कर बातचीत की टेबल में आये जिससे मसले का हल निकलेगा। साथ ही उन्होने उन लोगों से सावधान रहने के लिये बोला है जो इस मौके में अफवाह फैलाकर देश का माहौल खराब करना चाहते है। मोदी जी की माने तो ऐसे लोग कभी भी फायदा नही उठा पायेंगे। इसके साथ साथ मोदी ने धन्यवाद प्रस्ताव को ऊर्चा  से भरा हुआ बताया तो अभिभाषण के जरिये तंज कसा की जो लोग इस अभिभाषण को सुनने भी नही पहुंचे उन्हे भी ये भाषण समझ में आया कि उन्होने इस बजट पर चर्चा ये तो एक तरह से कमल की बात हुई।जिसकी जितनी भी तारीफ की जाये वो कम है।

पीएम मोदी ने अपने व्यंग से भरे तीर जब विपक्ष पर छोड़े तो लग यही रहा था कि अब विपक्ष इसका क्या जवाब देगा क्योकि मोदी जी एक बार फिर से दिखा दिया कि उनके जैसा कोई नही….