कोरोना की मार बच्चों के परीक्षा पर भी पड़ी: कई राज्यों ने बोर्ड की परीक्षा को किया स्थगित

 देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच कई राज्यों ने बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र औऱ सीबीएसई सहित कई राज्यों में बोर्ड की परीक्षाएं अब टाल दी गई है। सरकारों की माने तो मई के अंत में परीक्षा के बारे में बैठक की जायेगी।

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 10 वीं और 12 वीं की यूपी बोर्ड परीक्षाएं स्थगित

यूपी में कोरोना संक्रमण के कहर के बीच सरकार का बड़ा फैसला सामने आया है। यूपी में अगले आदेश तक 10वीं और 12वीं की यूपी बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। अब मई में नई तारीखों पर विचार किया जाएगा। साथ ही 15 मई तक 1 से 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। इसी के साथ यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं भी 15 मई तक टाल दी गई हैं। बता दें कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं एक साथ 8 मई से शुरू होने वाले थे। 10वीं की परीक्षा 12 कार्य दिवस में पूरी होने के बाद 25 मई को खत्म होनी थी जबकि 12वीं की परीक्षाएं 15 दिन बाद 28 मई को पूरी होनी थी। अब हालातों की समीक्षा के बाद अगला आदेश लिया जाएगा। इसके साथ साथ हरियाणा सरकार ने भी अपने यहां की परीक्षाओं को टाल दिया है। हरियाणा बोर्ड ने भी 10वीं की परीक्षा रद कर दी हैं जबकि 12वीं की परीक्षाओं पर बाद में फैसला लिया जाएगा। वही सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में होने के चलते कई कदम उठाने के बाद अब परीक्षा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।

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सीबीएसई की परीक्षा को भी किया गया स्थगित 

इससे पहले कल सीबीएसई की 10वीं की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया गया जबकि 12 वीं की परीक्षाएं जून तक अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है। गौरतलब है कि देश भर के छात्र, अभिभावक  और शिक्षकों के साथ- साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री, कई नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित या रद किए जाने की मांग की थी।

इस साल भी ऑनलाइन शिक्षा पर रहेंगा जोर

जिस तरह से कोरोना इस साल अपना प्रकोप बरपा रहा है ऐसे में जानकारो की माने तो शिक्षा के क्षेत्र में इस बार भी पढ़ाई ऑनलाइन के जरिये ही होगी। क्योकि स्कूल हो या कॉलेज अभी खुलने के हालात नही बन रहे है। ऐसे में माना डा रहा है कि उच्च संस्थान भी ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दे रहे है। वैसे साल 2020 की अपेक्षा इस साल ऑनलाइन क्लास लगाना ज्यादा दिक्कत भरा नही है क्योकि पिछली साल से शिक्षक हो या छात्र दोनो ही इस विधि में माहिर हो गये है। खुद पीएम मोदी भी नई शित्रा नीति के जरिये ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर देने की बात कर चुके है।

फिलाहाल कोरोना के चलते जो हालात बने है ऐसे में तो यही विधि सबसे कारगर साबित भी हो रही है। ऐसे में स्कूलों को चाहिये की वो इस विधी को और सरल बनाये जिससे छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत का सामना न करना पड़े।