भारत में अपने अंत की ओर बढ़ता कोरोना

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भारत में अपने अंत की ओर बढ़ता कोरोना  

कोरोना संकट में वैसे अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो हर दिन आंकड़ों में इजाफा हो रहा है। जिसके चलते भारत में ये आंकड़ा 24 हजार के पार हो गया है तो 800 के करीब मौतें हो गई हैं। लेकिन इस बीच एक पॉजिटिव खबर ये आई है  कि इस बीमारी से ठीक होने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। करीब 5 हजार से ज्यादा लोग इस संक्रमण को हराकर अपने घर लौट गये हैं, जो एक अच्छा संकेत है। चलिये कोरोना संकट के बीच हम आपको उन 5 बातों से रूबरू करवाते हैं, जो आज के वक्त में गुड न्यूज बन गई है।  

मई से तेजी से गिरने लगेगा कोरोना संक्रमण का ग्राफ  

अगले महीने से देश में कोरोना वायरस के मामलों कमी की शुरुआत हो सकती है। कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए बने टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने उम्मीद जताई है कि 30 अप्रैल के बाद देश में कोरोना संक्रमण में गिरावट का दौर शुरू हो सकता है। उन्होंने अब तक के आंकड़ों के विश्लेषण के जरिए भविष्य के लिए प्रोजेक्शन ग्राफ पेश कर बताया कि 30 अप्रैल तक देश में कोरोना का संक्रमण अपने चरम पर होगा और उसके बाद इसमें गिरावट का दौर शुरू होगा। हां ऐसे में ये संकट जल्द भारत से खत्म हो इसके लिये समाजिक दूरी, मास्क और सरकार के द्वारा बताये नियमों को कड़ाई से हम सब को पालन करना होगा, जिससे मई के आगे ये संकट न बढ़ सके।  

साउथ के राज्यों में कम हो रहा कोरोना का कहर  

सबसे अच्छी खबर दक्षिण भारत के राज्य से आई है, जहां पिछले एक महीने की तुलना में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार काफी धीमी हुई है। तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के उदाहरण से समझते हैं। 24 मार्च को तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के रोजाना बढ़ने की औसतन रफ्तार 47.2 प्रतिशत थी, जो 23 अप्रैल को घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई। इसी तरह कर्नाटक में 24 मार्च को संक्रमण दर 18.9 और केरल में 20.3 थी, जो 23 अप्रैल को घटकर क्रमशः 3.4 और 1.8 प्रतिशत रह गई है। माना जा रहा है कि इसी रफ्तार से भी कोरोना मंद हुआ तो 3 मई तक ये राज्य कोरोना से मुक्त हो जायेंगे।  

14 दिनों से 80 जिलों में कोई केस नही  

लॉकडाउन होने के चलते देश में कोरोना वैसे पैर नही फैला पाया जैसे कि दुनिया के दूसरे देशों में फैला रहा था | मोदी सरकार की रणनीति का ही कमाल है कि कोरोना पर जल्द काबू पा लिया जा रहा है। इसमे देश के लोगों का साथ भी सरकार को मिल रहा है। हां ये जरूर है कि कुछ लोग सरकार को बदनाम करने के लिये जाहिल हरकत करने में लगे हैं, लेकिन इसके बाद भी आंकड़े ये बता रहे हैं कि देश जल्द बेहतर होने के रास्ते पर चल रहा है। तभी तो देश में अब ऐसे जिलों की संख्या 80 हो गई है, जहां पिछले 14 दिनों से कोई केस सामने नहीं आया है। यह खबर निश्चित तौर पर बहुत राहत देने वाली है। नए मामले ज्यादातर हॉटस्पॉट्स में ही आ रहे हैं। 

11 राज्यों में संक्रमितों की संख्या में 50% कमी 

लॉकडाउन ,सोशल डिस्टेंसिंग  साफ-सफाई, लोगों में जागरूकता ने 11 राज्यों में कोरोना वायरस की कमर तोड़ दी है। इन 11 राज्यों में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या अब 50 फीसदी तक या उससे भी कम हो चुकी है। गोवा, अरुणाचल और मणिपुर अब कोरोना से मुक्त हो चुके हैं। केरल में 450 मरीजों में से 331 ठीक हो चुके हैं। त्रिपुरा के 2 मरीजों में से एक ठीक हो चुका है। लद्दाख में 20 में से 14 ठीक हो चुके हैं तो उत्तराखंड में 48 में से 25 यानी आधे से अधिक ठीक हो चुके हैं। जो राहत की खबर से कम नही है। 

 

10 दिनों में दोगुनी से ज्यादा हुई टेस्टिंग की दर 

भारत में अब कोरोना वायरस के टेस्ट की रफ्तार भी काफी तेज हो चुकी है। देश में 23 अप्रैल तक 5,41,789 टेस्ट हो चुके थे। टेस्टिंग को बढ़ाना इसलिए भी जरूरी है कि विशेषज्ञ बता रहे हैं कि देश में 80 प्रतिशत तक ऐसे केस आ सकते हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं है। 13 अप्रैल तक देश में प्रति 10 लाख आबादी पर 177 टेस्ट हो रहे थे, जो 10 दिन बाद 23 अप्रैल तक दोगुने से ज्यादा बढ़कर 362 पहुंच गए। 

 

मगर इसका मतलब ये नहीं कि अब सबकुछ ठीक हो चुका है और देश से कोरोना संकट खत्म हो गया । अभी भी बहुत दूर तक हम लोगो को जंग लड़नी है, ऐसे में जनता की थोड़ी सी भी लापरवाही आने वाले वक्त में खतरा पैदा कर सकती है,  एक योद्धा की तरह हमे सचेत रहकर अभी कुछ और दिन कोरोना से दो दो हाथ करने होंगे। इसलिये ज्यादा खुश होकर कोई ऐसा काम न करें जिससे खुद, परिवार और समाज को परेशानी में डाल दें। इसलिये नियमों का पूरा पालन करें और घर में रहें क्योंकि जो घर में है वही कोरोना योद्धा है।   

 

 

 


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