कोरोना को अगर हराना है तो इसे तीसरे चरण मे पहुँचने से पहले ही रोकना होगा

देश मे कोरोना से बचाव को अलग-अलग कदम उठाये जा रहे हैं | इनमे सार्वजनिक स्थानों पर बैन लगाना सबसे अहम है | लोग घर में लगभग बंद होते जा रहे हैं। बात मध्य प्रदेश की करें तो यहां अभी तक कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि ये प्रतिबंध क्यों लगाए जा रहे, वह भी 31 मार्च तक? इसका जवाब है- कोरोना के संक्रमण को देश में तीसरे चरण में प्रवेश करने से रोकना। इसके पहले चरण में ही रोक की कोशिश की जा रही है।

तीसरे चरण में नियंत्रण मुश्किल होगा

कोरोना का वायरस मानव शरीर में 14 दिन का जीवन सर्कल पूरा करता है। इसके बाद खत्म हो जाता है। अभी 19 मार्च है। 31 मार्च तक नए मरीज सामने नहीं आएंगे तो इसका मतलब होगा कि कोरोना का संक्रमण अपने अगले चरण में नहीं पहुंचा। इसके देश में महामारी के रूप में तब्दील  होने की आशंका कम हो जाएगी। यदि लापरवाही बरती और कोरोना तीसरे चरण में पहुंच गया तो फिर इस पर नियंत्रण करना मुश्किल काम हो जाएगा |

स्टेज 1 : इस स्थिति में वहीं लोग कोरोना  से संक्रमित पाए जाते हैं, जिन्होंने संक्रमण वाले विदेश की यात्रा की होती है। यह कुछ लोगों तक सीमित रहता है।

स्टेज 2 : कोरोना संक्रमित व्यक्ति से उसके परिजनों और एकदम करीबी लोगों में फैलता है। स्टेज वन-व-टू में सोर्स पता रहता है कि किससे फैल रहा है। अभी हमारे देश में यही स्थिति है।

स्टेज 3 : जब संक्रमित व्यक्ति, बाहर घूमता है और कई लोगों के संपर्क में आता है तो फिर पूरी कम्युनिटी (समाज) में यह फैलना शुरू हो जाता है। इसमें मरीज को भी नहीं पता होता कि उसे कहां से वायरस लगा। इटली और स्पेन में इसी तरह की स्थिति है।

स्टेज 4 : पूरे देश में सभी जगह यह फैलना शुरू हो जाता है। तब पता नहीं चलता कौन इसे फैलाता है। इस दौरान यह महामारी का रूप ले लेता है। यह कब खत्म होगा, पता नहीं चलता। चीन में यही सब कुछ हुआ।

सख्ती की तो कोरिया बचा, नहीं की तो इटली में हालात बेकाबू

इटली में अब तक कोरोना के 31 हजार से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से ढाई हजार से अधिक मरीजों की मौत हो गई है। एक ही दिन में यहां 475 मरीजों की मौत हुई। बीमारी के इतने बड़े पैमाने पर फैलने की एक  बड़ी वजह यह रही कि वहां पहला मरीज सामने आने के बाद भी किसी तरह के प्रतिबंध नहीं लगाए गए।वहीं, दक्षिण कोरिया में अब तक आठ हजार मरीज सामने आए हैं। इनमें 81 मरीजों की मौत हो गई। यहां मरीजों और कुल मौतों का अनुपात कम है। ये इसलिए कि वहां की सरकार ने कोरोना का पहला केस सामने आने के बाद ही लोगों की सभी तरह की यात्राओं पर रोक लगा दी थी। इससे  नए संक्रमित मरीज नहीं आए। स्कूल, कॉलेज, बाजार औैर दफ्तर तक बंद कर दिए। इससे वहां अब नए मरीज सामने आने में एकदम गिरावट आ गई है।