कोरोना से एक ही दिन में पस्त हुआ पाकिस्तान – पीड़ितों की संख्या मे आकस्मिक वृद्धि

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हर बात मे भारत से तुलना करने वाला पाकिस्तान आज कोरोना के सामने पस्त हो गया है | जहां एक तरफ भारत ने इस समस्या का सामना काफी कुशलतापूर्वक व सफलतापूर्वक किया है वहीं पाकिस्तान ने इसके आगे एक ही दिन मे घुटने टेक दिए हैं | सूत्रों की माने तो पूरे देश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर मंगलवार को 193 हो गई है। लाहौर से एक संदिग्ध की मौत की खबर भी है जिससे अचानक संकट गंभीर होता दिख रहा है।

हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान देश को संबोधित करने वाले हैं। वह सरकार की नीतियों के बारे में जानकारी दे सकते हैं। इस पुरे घटनाक्रम के कारण अचानक से देश में डर का माहौल पैदा हो गया है। सरकार अभी तक कोई ठोस कदम उठाती नही दिख रही है | 

एक अधिकारी ने बताया है कि सिंध में 155, खैबर पख्तूनख्वा में 15, बलोचिस्तान में 10, गिलगित बाल्तिस्तान में पांच, इस्लामाबाद में दो और पंजाब में एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है। सिंध सरकार के प्रवक्ता मुर्तजा वहाब ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘सख्खर में अब तक 119 मरीज संक्रमित पाए गए हैं जबकि 115 लोगों में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा प्रांत में 36 लोग संक्रमित पाए गए हैं जिनमें से 34 का इलाज चल रहा है और दो स्वस्थ हो गए हैं।’

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने वहाब के हवाले से खबर दी कि प्रांतीय अधिकारियों ने सिंध प्रांत में कोरोना वायरस के पांच नये मामलों की पुष्टि की जिसके साथ ही देश में कोविड-19 मामलों की संख्या 189 पर पहुंच गई। खबर में बताया गया कि ताफ्तान में आइसोलेशन में रखे गए धार्मिक यात्रियों की संख्या 9,000 से अधिक है। ये सभी ईरान से लौटे थे और बलोचिस्तान की सरकार ने इन्हें ‘टेंट शहर’ में आइसोलेशन में रखा गया है।

आइसोलेशन में रहने की 14 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद तीर्थयात्रियों को उनके शहर लौटने की इजाजत दी गई। सिंध और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत ने उन्हें आगे की यात्रा की अनुमति देने से पहले सख्खर और डेरा इस्माईल खान के आइसोलेशन केंद्रों में भेज कर जांच करवाई। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने आरोप लगाया कि तीर्थयात्रियों को तफ्तान में सही से अलग नहीं रखा गया और उन्हें साथ रखा गया।

इस बीच, सरकार वैश्विक महामारी से निपटने के लिए कदम उठा रही है। पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने सभी सरकारी विश्वविद्यालय के छात्रावासों को तत्काल प्रबंध के तौर पर आइसोलेशन केंद्र में तब्दील कर दिया है। स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ जफर मिश्रा ने कहा कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया है और कर्मचारियों को संस्थान के भीतर आने से रोक दिया है।


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