सियासत पर कोरोना इफेक्ट

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इस बात में तो कोई शक नही है कि आने वाले दिनो में दुनिया कोरोना वायरस के चलते बिलकुल बदली बदली देखेगी फिर वो दफ्तर में काम करना हो या फिर एक दूसरे से मिलना जुलना या फिर यात्रा करनी हो  हर चीज में बदलाव साफ देखा जायेगा। लेकिन आप ने सोचा है कि कोरना संकट के बाद सियासत में क्या क्या बदलाव देखने को मिलेगे, तो  चलिये  हम बताते है।

राजनीति से गायब होगी बड़ी बड़ी रैली

दोस्तों देश में चुनाव किसी त्योहार से कम नही होता। खुद नेता भी मानते हैं कि चुनाव लोकतन्त्र का उत्सव है जिसमें लोगो को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। जिसके चलते देश में बड़ी बड़ी रैलियां देखी जाती आई है जिसमें लाखों लोग पहुंचकर लोकतन्त्र पर अपना विश्वास दिखाते हैं लेकिन आने वाले दिनो में अब बड़ी बड़ी रैलिया देखने को नही मिलेगी क्योंकि कोरोना वायरस के चलते समाजिक दूरी बनाना जरूरी है जिससे रोग न फैल सके और इसके लिये सामुदायिक भीड़ इकट्ठा होना बीमारी को दावत देने से कम नही होगा, इसलिये आने वाले दिनो में राजनीति से बड़ी बड़ी रैलियां नदारत ही दिखेगी। मतलब आने वाले बच्चे अब केवल इतिहास में ही पढ़ते हुए दिखाई देंगे कि कभी देश में सियासी नेताओं की रैली में लोगो का हुजूम आता था और अपने नेताओं को आशिर्वाद दिया करते थे।

इतिहास बन जाएंगे रोड शो

कोरोना वायरस का असर सियासत पर ये भी पड़ेगा कि अब बड़े बड़े नेताओं या चुनाव माहौल में निकलने वाले फिल्मी कलाकारों के रोड शो सिर्फ लोग चर्चा में याद करके एक दूसरे से बातों में शेयर करते हुए दिखाई देंगे। क्योंकि रोड शो आने वाले दिनो में होना बंद हो चुके होंगे। गली नुक्कड़ में होने वाली पंचायत भी सिर्फ कहानी किस्सों  में या फिर टीवी के किसी सीरियल में ही देखने को मिलेगा। मतलब ये समझ लीजिये कि इस बार जब चुनाव का बिगुल बजेगा तो सबकुछ बिलकुल नया होगा।वही देश में धरना प्रदर्शन करने का तरीका भी अब नया निकालना होगा जिससे इस बीमारी से बचा जा सके। वही मोदी सरकार ने या दूसरी राज्य सरकारो ने दूरी बनाकर बैठक करने का तरीका अपना कर एक नई शुरूआत तो की है।

सोशल मीडिया ही होगा प्रचार का साधन

वैसे कुछ सालों से चुनाव के दौरान सोशल मीडिया का रोल काफी बढ़ा है लेकिन आने वाले दिनो में इसकी और भूमिका बढ़ने वाली है। क्योंकि आने वाले दिनो में इसी के जरिये अब राजनैतिक पार्टी प्रचार करेगी तो इस मंच के जरिये ही नेता अपनी बात देश के हर नागरिक तक पहुंचा पाएंगे। और ये सब होगा कोरोना संकट के चलते क्योंकि इस बीमारी ने दुनिया के हर सेक्टर में हमला बोलकर उसके पुराने नियमों को बदलाव करने के लिये समाज को मजबूर कर दिया है।

वैसे इसके साथ साथ चुनाव आयोग को भी चुनाव करवाने के लिये बहुत कुछ नये नियम बनाने होंगे और आने वाले दिनो में ऑनलाइन वोटिंग हो तो लोगों को अचरज नही करना चाहिये क्योंकि कुछ ऐसे नियम बन सकते हैं कि घर में बैठकर ही आप अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।  एक तरह से देखा जाये तो कोरोना काल में इस बदलाव से देश की जनता का फायदा ही होने वाला है क्योंकि राजनीतिक पार्टियां जो लाखों रूपये की बर्बादी चुनाव प्रचार में करती हैं वो अब नही करेगी। जो देश के लिये बढ़िया होगा। लेकिन क्या बदलेगा क्या नही ये एक कयास है लेकिन ये तय है कोराना बीमारी का इफेक्ट सियासत पर भी दिखने वाला है।


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