सरकार के प्रयासों का दिख रहा असर : देश के 25 जिले कोरोना मुक्त

कोरोना वायरस के कारण लगातार आ रही बुरी  ख़बरों के बीच एक अच्छी खबर ये है कि देश मे 15 राज्यों के 25 जिलों मे पिछले 15 दिनों मे कोरोना के मामले बिलकुल भी नहीं आये हैं | ये सरकार के लगातार प्रयासों का नतीजा है | लॉकडाउन के बाद से इन जिलों पे काफी कड़ी नजर रखी जा रही थी | ये 25 जिले वैसे जिले हैं जहाँ की पहले कोरोना पॉजिटिव लोग मिले थे | 15 दिनों के लम्बे अंतराल के बाद ये कयास लगाये जा रहे हैं कि इन जिलों को कोरोना मुक्त घोषित किया जा सकता है |

आगे भी मामले न आने देने की कोशिश 

हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि पूरे प्रयास किए जा रहे हैं कि इन जिलों में आगे भी नए मामले सामने ना आएं। स्वास्थ्य मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन जिलों के नाम गिनाते हुए कहा, ‘जब यहां कोरोना पॉजिटिव केस आए तो जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट स्ट्रैटिजी के तहत काम किया। जिसके परिणाम हमें दिखने लगे हैं लेकिन अभी भी जरूरत है कि हम अपनी विजिलेंस उसी एनर्जी के साथ बनाए रखें। हम यह सुनिश्चित करें कि आनेवाले दिनों में इन जिलों में पॉजिटिव केस ना आएं।’

टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से मिल रही है मदद

लव अग्रवाल ने आगे कहा, ‘हम हर स्तर पर टेक्नॉलजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। टाइमली रेस्पॉन्स के लिए कटिंग एज टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। हम टेक्नॉलजी की मदद से लाइव केस ट्रैकिंग, केस मैनेजमेंट और कंटनेमेंट प्लान को लागू करने के साथ-साथ उसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।’

अच्छी खबर यह है कि इन 25 जिलों में कर्नाटक के चार, छत्तीसगढ़ के तीन, केरल के दो, बिहार के तीन और हरियाणा के तीन जिले शामिल हैं। इन पांच राज्यों में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 888 है। इसमें से कुल 285 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इन पांचों राज्यों को मिलाकर कोरोना के कुल 12 मरीजों की मौत हुई है।

उत्तराखंड में पिछले 6 दिनों में नहीं आया नया केस, 7 ठीक भी हुए

उत्तराखंड से भी एक अच्छी खबर आई है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पिछले 6 दिनों में एक भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है। अब तक सात लोग ठीक भी हुए हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, ‘कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है। रविवार को इलाके में काफी भीड़ देखी गई थी इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।’