कान्ट्रैक्ट फार्मिंग से किसान को मिल रहा वाजिब दाम, कंपनियां रख रही जमीन का भी ध्यान 

एक तरफ कृषि बिल को लेकर सड़क से लेकर संसद तक कुछ लोग किसान को गुमराह करने में लगे है तो दूसरी तरफ नए कृषि कानूनों में कान्ट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर मिल रहे फायदे को बता वो किसान रहे हैं जो आज इन नियमों के चलते मोटी कमाई करने में लगे हुए हैं। आज इंदौर जिले के दो गांव की कहानी आपको बताते है जो इस बिल के चलते ही मोटी कमाई कर रहे हैं।

 कान्ट्रैक्ट फार्मिंग के नये नियम से मालामाल होते किसान

आज हम बात कर रहे है इंदौर के पास के दो गांव की जहां के किसान आज कान्ट्रैक्ट फार्मिंग के नये कानून के चलते लाभ कमा रहे है। किसानों की माने तो उनके मुनाफे में निश्चिंतता आई है, पहले से तय दाम मिलने से वे बेफिक्र हैं। जो चिप्स निर्माता कंपनी कान्ट्रैक्ट कर रही है, उसे अपने उत्पाद की चिंता रहती है, इसलिए बीज से लेकर मिट्टी परीक्षण तक का जिम्मा वही उठाती है। एक फायदा यह भी है कि बाजार में बेचने पर 60 किलो के बैग पर एक किलो का वजन कटता है तो कंपनी से कान्ट्रैक्ट में इसी बैग पर 100 ग्राम वजन ही कटता है। इंदौर जिले के 200 से अधिक किसान इसी नीति के तहत आलू उगा रहे हैं। वहीं, छिंदवाड़ा के उमरेठ, चौराई, बिछुआ और मोहखेड़ा ब्लॉक में नौ साल से आलू की कान्ट्रैक्ट फार्मिंग की जा रही है जिससे यहां के किसान की आय लगातार बढ़ी है। किसानों की माने तो दाम के साथ साथ कान्ट्रैक्ट फार्मिंग के चलते समय समय पर कंपनियां खेत की देख रेख भी करती है मसलन जैसे मिट्टी का परीक्षण के साथ साथ कंपनी इसकी देख रेख के लिये बेहतर कीटनाशक का भी प्रबंध करते है जिससे खेत में पैदावार काफी बढ़ जाती है और मोटी कमाई होती है।

कृषि कानून का किसान उठा रहे फायदा

इंदौर ही नहीं देश के दूसरे किसान भी मोदी सरकार के कृषि कानून के नियम से पहले ही फायदा ले रहे है। जैसे बिहार जहां इस कानून की तरह पहले से ही कानून लागू है जिसका फायदा वहां के किसान ले रहे है तभी तो वो इस आंदोलन से नदारद हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में भी पहले से ही इस तरह की व्यवस्था सरकारों ने कर रखी थी तो पंजाब में भी कान्ट्रैक्ट खेती सालो से चली आ रही है लेकिन पंजाब में किसानों को उतना अधिकार नही मिला था जितना नये कानून में मिलने वाला था। शायद इसी लिये कुछ तथाकथित किसानों ने महज अपने फायदे के चलते नये कृषि कानून के खिलाप मोर्चा खोल रखा है जो एक तरह से अपने किसान भाइयों के साथ धोखा है।

कुल मिलाकर ये खबर इस लिये बताना जरूरी था कि भोलेभाले किसान जो आज कुछ लोगो के बहकावे में प्रदर्शन करने में जुटे है उन्हे पता चल सके कि मोदी सरकार लगातार किसान हित में काम कर रही है।