चीन का कबूलनामा: गलवान में मारे गए थे चीनी सिपाही

देर आये पर दुरुस्त आये। आखिरकार 8 महीने के बाद चीन ने आधा सच मान लिया कि गलवान घाटी में भारतीय फौज के साथ हुई हाथापाई में उसके 5 जवान मारे गये थे जिससे अब उन लोगों की बोलती बंद हो गई है जो भारतीय जवानों के शौर्य पर सवाल करते थे।

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चीन ने माना 5 जवान मारे गये थे

चीन ने पहली बार दुनिया के सामने यह कबूल किया है कि पिछले साल जून में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सेना के साथ हुई हिंसक झड़प में PLA के पांच सैन्य अधिकारी और जवान मारे गए। चीनी सेना के आधिकारिक समाचार पत्र PLA डेली की रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच चीनी फ्रंटियर अधिकारी और सैनिकों की काराकोरम पर्वत रेंज में जून 2020 में भारतीय सेना के साथ हुई झड़प में मौत हुई है। सेंट्रल मिलिट्री कमीशन आफ इंडिया ने इस बात को स्वीकार किया है। PLA डेली की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सेना जो सैनिक मारे गए हैं, उनमें पीएलए झिंजियांग सैन्य कमान से रेजिमेंटल कमांडर कि फाबाओ भी शामिल है। इससे साफ हो गया कि भारत पहले दिन से ही सच बोल रहा था और चीन झूठ गौरतलब है कि इस वक्त दोनो देश के बीच हुए समझौते के तहत फौजें पीछे हट रही है।

गलवान घाटी की हिंसक झड़प

भारतीय सेना और चीन के बीच जून 2020 गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। हालांकि इस झड़प में कोई गोली नहीं चली थी लेकिन संघर्ष इतना खूनी था कि भारत को अपने 20 अनमोल सैनिकों की शहादत सहनी पड़ी। चीन के भी 45 सैनिकों के हताहत होने की खबर आई थी। लेकिन चीन की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। 6 जून को चीन और भारत के बीच मेजर जनरल रैंक लेवल की बातचीत हुई थी जिसमें सीमा पर शांति बनाए रखने और यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति बनी थी। 15 जून की रात गलवान घाटी में कर्नल बाबू ने चीन के सैनिकों को उनकी सीमा में और पीछे जाने को कहा लेकिन उनके शांतिपूर्ण तरीके से बात करने के बावजूद चीन के सैनिकों ने बहस शुरू कर दी। इसके बाद भारतीय सेना और चीन के सैनिकों के बीच टकराव शुरू हो गया जिसमें चीन के सैनिकों ने भारतीय दल पर डंडों, पत्थरों और नुकीली चीजों से हमला कर दिया। इस टकराव में कर्नल संतोष बाबू, हवलदार पालानी और सिपाही कुंदन झा समेत 20 सैनिक घायल हो गए। यह टकराव करीब 3 घंटे तक चला था।

लेकिन कुछ भी हो आज दुनिया साफ तौर पर देख रही है कि भारत के आगे चीन की हेकड़ी निकल गई है तभी तो भारतीय फौज के संकल्प के आगे चीन को पीछे हटना पड़ रहा है तो अब चीन ये भी मान रहा है कि उसके सैनिक भी गलवान घाटी में मारे गये थे।