आम लोगो में नौकरी, महंगाई नियंत्रण, आमदनी इजाफे को लेकर बढ़ा भरोसा

देश के 13 सबसे बड़े शहरों में हर तीन महीने पर आरबीआइ की तरफ से कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे करवाया जाता है| यह आम जनता की आर्थिक हालात व सोच को जानने के लिए सबसे विश्वसनीय सर्वेक्षण माना जाता है| हाल ही में फिर से इस सर्वे को सम्पादित किया गया| मार्च महीने में आरबीआइ द्वारा करवाए गए इस सर्वे में कई ऐसे नतीजे सामने आयें हैं जो वाकई में चौकाने वालें है|

आरबीआइ द्वारा करवाए गए इस सर्वे में उन लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है जो मानते हैं कि बीते एक वर्ष के मुकाबले उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है| साथ ही रोजगार के अवसरों में भी इजाफा हुआ है| इतना ही नहीं सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि लोगो के बीच अभी से एक वर्ष के बाद की अवधि के लिए उम्मीदें काफी बढ़ी हैं। हालाँकि, जब सिर्फ तीन महीने पहले, पिछले साल दिसम्बर माह में यह सर्वेक्षण करवाया गया था तब आर्थिक हालात व रोजगार को लेकर ज्यादातर लोगों में निराशा थी, और वें इन चीजो को लेकर तब उम्मीद नहीं रख रहे थे|

गुरूवार को आरबीआइ ने यह सर्वे जारी किया| जारी किये गए सर्वे में कहा गया कि दो वर्षो बाद उपभोक्ताओं का विश्वास बहाल (कांफीडेंस इंडेक्स) हुआ है। इससे इस बात के साफ़ संकेत मिलते है कि लोग अपनी माली हालात में सुधार को देखते हुए आने वाले समय में ज्यादा खर्च करने को तैयार हैं। मालूम हो कि सर्वे का मानक 100 का है जिसमें दिसंबर, 2018 में कंफिडेंस इंडेक्स 97.7 था जो मार्च, 2019 में बढ़ कर 104.6 हो गया है| गौर करने वाली बात यह है कि पिछले दो सालो में यह नकारात्मक यानी 100 से नीचे ही रह रहा था। वहीं अगर हम एक साल बाद की स्थिति के सूचकांक पर गौर करे तो हम पाएंगे कि यह 128.9 से बढ़ कर 133.4 पर पहुँच गया है|

वहीं सर्वे में पाया गया कि लोगो का यह भी मानना है कि महंगाई की स्थिति भी पिछले एक वर्ष में सुधरी है और आने वाले एक वर्ष में और सुधरेगी| जिससे एक तस्वीर जो साफ़ उभरती है वो ये है कि लोगो में महंगाई को लेकर बहुत ज्यादा चिंता की स्थिति नहीं है| साथ ही लोगो में खुद के आमदनी इजाफे को लेकर भी काफी उम्मीदें है| अगर हम दिसंबर, 2018 के आंकड़े से तुलना करें तो मार्च 2019 में 25 फीसद से ज्यादा ऐसे लोग है जिन्होंने माना है कि उनकी आमदनी पहले के मुकाबले बढ़ी है और 30 फीसद लोग यह मानते हैं कि एक साल बाद भी उनके आमदनी में बढ़ोतरी होगी| मालूम हो कि आरबीआइ द्वारा करवाया जाने वाला यह सर्वे अहमदाबाद, बेंगलुरू, भोपाल, पटना, हैदराबाद, गुवाहाटी, दिल्ली, चेन्नई, जयपुर, लखनऊ, कोलकाता, तिरुअनंतपुरम के 5343 लोगों के बीच करवाया गया है।

अगर इसी सर्वे को आधार माने तो मार्च 2018 में जब सर्वे करवाया गया था| तो उस वक़्त 34.9 फीसद लोगों ने इस बात को माना था कि उनकी माली हालत सुधरी है| जबकि जबकि मार्च, 2019 में इस बात को माने वाले लोगो की संख्या बढ़ कर 47.2 फीसदी पर पहुँच गयी है| वहीं इसके अलावा उस वक़्त करीब 49.7 फीसद लोगों ने कहा था कि एक वर्ष बाद उनकी स्थिति और भी सुधरेगी और अब तकरीबन दो तिहाई लोग यह मान रहे हैं कि एक वर्ष बाद उनकी स्थिति पहले से अधिक सुधरेगी।

इन बातो से इतर अगर रोजगार की बात करें तो मार्च 2018 में 50.8 फीसद लोगों ने कहा था कि एक साल बाद रोजगार की स्थिति सुधरेगी जबकि अब ऐसा मानने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 65.3 फीसद हो गई है। लिहाजा एक तस्वीर जो इन आंकड़ो के साथ तुलना करने पर साफ़ उभरती है वो ये कि बीतते समय के साथ लोगो की स्थिति में सुधार हुआ है| और आने वाले दिनों में लोगो को यह विश्वास है कि उनकी स्थिति और भी अच्छी होगी|