स्वच्छता, एक दिन का, एक पखवाड़े का, एक साल का या कुछ लोगों का ही काम नहीं बल्कि ये राष्ट्रसेवा का भाव है: पीएम मोदी

साल 2014 में पीएम मोदी जब सत्ता में आये थे तो उन्होने सबसे पहले देश सुंदर और स्वच्छ  बनाने की शुरूआत की थी जिसके बाद देश में एक अभियान शुरू हुआ और हर नागरिक स्वच्छ भारत बनाने के लिये निकल पड़ा। जिसके बाद स्वच्छता के मामले में देश आज बहुत आगे खड़ा है। इसी क्रम में पीएम मोदी ने ‘स्वच्छ भारत मिशन-शहरी’ और ‘कायाकल्प एवं शहरी सुधार के लिए अटल मिशन’  के दूसरे चरण की शुक्रवार को शुरुआत की है।

टॉफी के रैपर अब जमीन पर नहीं फेंके जाते

इस बाबात पीएम मोदी ने बोला  हमें ये याद रखना है कि स्वच्छता, एक दिन का, एक पखवाड़े का, एक साल का या कुछ लोगों का ही काम है, ऐसा नहीं है। स्वच्छता हर किसी का, हर दिन, हर पखवाड़े, हर साल, पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला महाभियान है। स्वच्छता जीवनशैली है, स्वच्छता जीवन मंत्र है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, मैं इस बात से बहुत खुश होता हूं कि स्वच्छता अभियान को मजबूती देने का बीड़ा हमारी आज की पीढ़ी ने उठाया हुआ है। टॉफी के रैपर अब जमीन पर नहीं फेंके जाते, बल्कि पॉकेट में रखे जाते हैं। छोटे-छोटे बच्चे, अब बड़ों को टोकते हैं कि गंदगी न करें। इसके साथ साथ सरकारी दफ्तर में भी आज कचरा नहीं फैला हुआ दिखाई देता है। तो हर दफ्तर में स्वच्छता का पहले से ज्यादा ध्यान रखा जा रहा है। ऐसा नहीं कि केवल शहरो में इसका असर पड़ा है गांव गांव तक आज स्वच्छता के लिये तेजी से काम कर रहे है।

4,700 शहरी स्थानीय निकायों के सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति

स्वच्छ भारत मिशन सभी शहरों को ‘कचरा मुक्त’ बनाने और अटल मिशन के अंतर्गत आने वाले शहरों के अलावा अन्य सभी शहरों में धूसर और काले पानी के प्रबंधन को सुनिश्चित करने, सभी शहरी स्थानीय निकायों को शौच से मुक्त और एक लाख से कम जनसंख्‍या वाले को शौच से मुक्त करने की परिकल्पना करता है, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित स्वच्छता के लक्ष्‍य को पूरा किया जा सके।  अटल मिशन के दूसरे चरण का लक्ष्य लगभग 2.64 करोड़ सीवर कनेक्शन प्रदान करके लगभग 2.68 करोड़ नल कनेक्शन और 500 अमृत शहरों में सीवरेज और सेप्टेज का शत-प्रतिशत कवरेज करते हुए लगभग 4,700 शहरी स्थानीय निकायों में सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति का शत-प्रतिशत कवरेज प्रदान करना है। इसके मुताबिक, इससे शहरी क्षेत्रों में 10.5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा।

पिछले 7 सालों में अपने स्वच्छता को लेकर अभी एक पड़ाव पार किया है अभी और आगे जाना है। इसके लिये हमें ना अभी रुकना है और ही अपनी चाल धीरे करनी है। बस तेज गति से भारत को स्वच्छ भारत- नया भारत बनाना है।