नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा में पास, पक्ष में 125 और विपक्ष में 105 वोट

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बीते सोमवार को लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद अब राज्यसभा में भी नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी मिल गयी| आज उच्च सदन में नागरिकता संशोधन विधेयक को 125 सदस्यों के वोट मिले, जबकि इसके खिलाफ 105 सदस्यों ने मतदान किया| इस प्रकार से अब नागरिकता क़ानून में बदलाव का रास्ता साफ़ हो गया है|

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक एक्ट का रूप ले लेगा और पड़ोसी देशों में धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अब विस्थापितों की तरह जीवन जीने की समस्या से छुटकारा मिल जायेगा|

नागरिकता संशोधन विधेयक – क्या सच क्या झूठ

विपक्ष द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक पर अनेक प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रही है| नीचे इमेज में देखिये इस विधेयक के बारे में क्या सच और क्या झूठ :

जनता से किये वादे को पूरा किया मोदी सरकार ने – अमित शाह

इस विधेयक पर सदन में चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा –

लोकतंत्र में जनादेश से बढ़कर कुछ नहीं होता| बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कहा था कि धार्मिक रूप से प्रताड़ित होकर पडोसी देशों से भारत आकर शरण लिए हुए लोगों के लिए भारतीय नागरिकता का प्रावधान लाने के लिए हमारी पार्टी प्रतिबद्ध है| इस वादे के साथ जनता ने हमें भारी समर्थन देकर संसद में भेजा| अपने वादों को पूरा कर के हम उस जनादेश का सम्मान कर रहे हैं|”

भारत के मुसलमानों को इस से डरने की जरुरत नहीं

गृहमंत्री ने विधेयक पर परिचर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा उठाये गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि –

“भारत के मुस्लिम नागरिकों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे भारत के नागरिक हैं और बने रहेंगे। सबका साथ, सबका विकास की नीति के साथ मोदी सरकार उनके अधिकारों और उनके हितों का ख्याल रखने के लिए प्रतिबद्ध है|”

मोदी सरकार एक के बाद एक जनता से किये वादों को पूरा करती जा रही है| नागरिकता संशोधन विधेयक के रूप में अपने चुनावी घोषणापत्र में जनता से किया एक और वादा मोदी सरकार ने पूरा कर दिया|


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