मॉडर्ना के भारत में आयात के लिए सिप्ला को मिली DGCA की मंजूरी

भारत में मॉडर्ना की वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से 18 वर्ष और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिल सकती है, मॉडर्ना ने भारत में अपनी कोविड-19 वैक्सीन के लिए मंजूरी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर सिप्ला ने टीके के इम्पोर्ट और मार्केटिंग ऑथराइजेशन के लिए आवेदन किया है।

मॉडर्ना की वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी

देश की दो स्वदेशी वैक्सीन और रूस की वैक्सीन के बाद अब आने वाले दिनो में देश में मॉडर्ना की वैक्सीन भी मिलती हुई दिखाई देगी जिसके चलते देश में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार और तेज हो जायेगी। इस बारे में मॉडर्ना’ ने यह भी बताया है कि ​अमेरिकी सरकार ने भारत सरकार को ‘कोवैक्स’ के माध्यम से ‘मॉडर्ना’ की कोविड वैक्सीन की डोज दान करने के लिए सहमति दी है, जो निश्चित संख्या में होगी। इन टीकों के लिए केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी CDSCO से मंजूरी मांगी गई है। जिसे मंजूरी मिल गई है। भारत में फिलहाल ऑक्सफोर्ड और सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन प्रमुखता से इस्तेमाल की जा रही हैं। इसके अलावा कुछ जगहों पर रूस की वैक्सीन स्पुतनिक V का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अब मॉडर्ना को मंजूरी मिल जाने के बाद भारत का टीकाकरण कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करना लक्ष्य

व​हीं कोरोना के मामलों पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि पिछले 6 महीने से वैक्सीन उपलब्ध है। इसलिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन कर और ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट कर आने वाले समय में हम कोरोना के खिलाफ सफलता पा सकते हैं। सरकार ने बताया कि अभी देश में 33 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण हो गया है। खासकर 21 जून से चले मेगा अभियान के बाद इसमें और तेजी देखी जा रही है। सरकार ने साफ किया कि वैक्सीन की कमी की जो अफवाह फैली हुई है वो पूरी तरह से निराधार है। भारत साल के अंत तक अपने लक्ष्य 100 करोड़ को जरूर छुएगा क्योंकि देश में तो वैक्सीन का निर्माण तेजी से हो रहा है साथ ही विदेश से भी एक दो महीने में वैक्सीन आ चुकी होगी। इसके साथ उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए ये भी कहा कि वैक्सीन लगने के बाद भी लोग कोरोना को लेकर बनाई गई गाइडलाइन को जरूर माने क्योंकि वैक्सीन के साथ साथ सावधानी ही हमे कोरोना की तीसरी लहर से बचा सकती है।

देश में तेजी से टीकाकरण हो इसके लिये केंद्र सरकार हर दिन अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। हालांकि ये बदलाव उन लोगों को नहीं समझ में आएंगे जिन्हें सिर्फ सरकार के फैसले में गलतियां ही निकालना है। क्योंकि वो काम बनाने की नहीं सोंचे बल्कि बिगाड़ने की सोचते हैं जिसे मोदी सरकार की बदनामी हो और उन्हे सियासत करने का मौका मिले।