चीन के सैन्य एक्सपर्ट ने कहा, भारत के पास हैं दुनिया की बड़ी और अनुभवी पर्वतीय इलाकों की सेनाएं

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चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के लिए सैन्य साजो-सामान बनाने से जुड़े एक मिलिट्री एक्सपर्ट ने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए भारत के पास विश्व के सबसे ज्यादा अनुभवी सैनिक है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय इलाकों में तैनाती के लिए हर भारतीय सैनिकों के पर्वतारोहण ‘अनिवार्य स्किल’ है।

मॉडर्न वीपनरी मैग्जिन के सीनियर एडिटर हुआंग गुओझी ने कहा, “वर्तमान में पहाड़ी मैदान और पर्वतीय इलाकों में दुनिया की सबसे ज्यादा अनुभवी सेनाएं न अमेरिका न रूस और न ही यूरोपीय महाशक्ति के पास है बल्कि यह भारत के पास है।”

उनकी तरफ से ये बातें ऐसे वक्त पर कही गई है जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख समेत कई इलाकों में तनाव है। हालांकि, दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की वार्ता के बाद भारत और चीन दोनों ने अपने सेनओं के पीछे बुला लिया है।

भारत-चीन की सेनाएं पीछे हटीं

पूर्वी लद्दाख के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक भारत और चीन के बीच पिछले कुछ समय से चला आ रहा विवाद थमता नजर आ रहा है। खबर है कि पूर्वी लद्दाख में गलवान समेत तीन जगहों से भारत और चीन की सेनाएं पीछे हट गई हैं। चीन की पीपुल्स लिबेरशन आर्मी ने गलवान इलाका, पेट्रोलिंग प्वॉइंट 15 और हॉट स्प्रिंग इलाके से अपनी सेना और वाहनों को ढाई किलोमीटर पीछे लेकर चले गए हैं। भारत ने भी अपने कुछ सैनिकों की वापसी की है। सरकार के शीर्ष सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने मंगलवार (9 जून) को यह जानकारी दी है। 

हालिया सीमा विवाद को सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच कई राउंड की कूटनीतिक और सैन्य स्तर की बातचीत हो चुकी है। जिसके बाद दोनों देश तनाव कम करने और शांतिपूर्ण तरीके से विवाद के समाधान के लिए सहमत हुए हैं। इसके साथ ही दोनों देशों ने आगे बातचीत जारी रखने को भी कहा है।

दोनों सेनाओं के बीच उस समय गतिरोध शुरू हुआ जब भारत द्वारा गलवान घाटी में दारबुक-शयोक-दौलत बेग ओल्डी के साथ-साथ पेगोंग झील के आसपास फिंगर इलाके में महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण शुरू किया गया और चीन ने इसका विरोध किया।

पूर्वी लद्दाख में स्थिति तब खराब हुई जब बीते पांच मई को पेगोंग झील क्षेत्र में भारत और चीन के लगभग 250 सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और लाठी-डंडों से झड़प हो गई। दोनों ओर से पथराव भी हुआ था, जिसमें दोनों देशों के सैनिक घायल हुए थे। यह घटना अगले दिन भी जारी रही। इसके बाद दोनों पक्ष ”अलग” हुए, लेकिन गतिरोध जारी रहा। इसी तरह की एक अन्य घटना में नौ मई को सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास दोनों देशों के लगभग 150 सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी। सूत्रों के अनुसार, इस घटना में दोनों पक्षों के कम से कम 10 सैनिक घायल हुए थे।

Published on: Live Hindustan


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