हिन्द महासागर मे बढ़ी चीन और पाकिस्तान की गतिविधियाँ – तीनों भारतीय सेनाओं ने बढाई सतर्कता

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चीन और पाकिस्तान की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर भारतीय सेनाओं ने सतर्कता बढ़ा दी है | भारतीय नौसेना का कहना है कि उनकी गतिविधियाँ संदिग्ध थी और भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क है | नौसेना ने इस क्षेत्र में जलीय और वायु निगरानी को बढ़ा दिया है। सूत्रों के हवाले से इस क्षेत्र में नजर रखने के लिए सैटेलाइट का भी सहारा लिया जा रहा है।

भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में पाकिस्तानी नौसेना की पीएनए यारमुक की उपस्थिति का पता चला था। यह पोत रोमानिया से लाल सागर के रास्ते पाकिस्तान लौट रहा है। जिसके बाद इस क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।

वहीं, पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी नौसेना के टाइप Y901 क्लास के टैंकर की उपस्थिति का पता चला है। इस टैंकर को मलक्का जलडमरू मध्य से प्रवेश के समय ही भारतीय नौसेना ने ट्रैक कर लिया था। नौसेना इसकी गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

पी8आई सर्विलांस विमान भी तैनात, तटरक्षक बल भी अलर्ट

नौसेना ने पी8आई सर्विलांस विमानों को भी खोजबीन के लिए तैनात किया है। वहीं तटरक्षक बल भी समुद्री सीमाओं पर चौकसी बनाए हुए है।

बता दें कि भारतीय नौसेना मलेशिया के पास स्थित मलक्का जलडमरूमध्य से हिंद महासागर क्षेत्र में प्रवेश करने वाले सभी चीनी जहाजों पर निरंतर निगरानी रखती है। कुछ दिनों पहले ही नौसेना के खोजी विमान पी8आई ने चीनी नौसेना के सात युद्धपोतों का पता लगाया था जो हिंद महासागर क्षेत्र में सक्रिय थे। 

हिंद महासागर क्षेत्र में युद्धपोतों और परमाणु शक्ति युक्त पनडु्ब्बियों के गश्त को लेकर चीन बार-बार यह दलील देता है कि ये समुद्री लुटेरों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई बल का हिस्सा हैं। कभी-कभी ये जहाज भारतीय जलक्षेत्र में भी प्रवेश कर जाते हैं। लेकिन जानकारों के अनुसार, समुद्री लुटेरों के खिलाफ कभी भी पनडुब्बियां कार्रवाई नहीं करती हैं। जो चीन की चालाकियों को दर्शाता है। 

इसके साथ ही भारतीय वायु सेना भी हर संभव हवाई मदद कर रही है | वायु सेना किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिये तैयार है |  

 


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