चीन को भारत की दो टूक, LAC पर स्थिति करना होगा समान्य 

चीन भारत तनाव के बीच चीन के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री की एक बैठक हुई। खास बात ये थी कि ये बैठक भारत में हुई। 3 घंटे चली इस बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों समेत कई पहलू पर बात की गई। खासकर LAC मामले को लेकर चर्चा ज्यादा की गई और भारत ने चीन के सामने अपना रूख साफ कर दिया कि लद्दाख हो या अरूणाचल चीन को सीमा के नियमों को मानना चाहिये।

1993-96 के समझौतों का उल्लंघन हुआ

चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, ‘1993-96 के समझौतों का उल्लंघन हुआ है जिसमें बड़ी संख्या में सैनिकों की मौजूदगी LAC पर है। इसको देखते हुए हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं। भारत ने अपना रूख रखते हुए साफ किया की चीन को नियमों को मानते हुए स्थिति को समान्य करना चाहिये। इस बाबत बाद में विदेश मंत्री ने बोला कि वर्तमान स्थिति को मैं एक ‘वर्क इन प्रोग्रेस’ कहूंगा। हालांकि यह धीमी गति से हो रहा है। इसे आगे ले जाने की आवश्यकता है क्योंकि डिसइंगेजमेंट के लिए LAC पर आवश्यक है। सीमा पर शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए इसे थोड़ा तेज गति से आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने खुलकर बात की। भारत की पोजिशन बताई कि सीमा पर शांति से कुछ कम मंजूर नहीं होगा।’

यूक्रेन रूस मसले पर अपने-अपने दृष्टिकोण रखे

यूक्रेन मसले पर चीनी समकक्ष के साथ बातचीत को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन पर हमने अपने-अपने दृष्टिकोणों और परिप्रेक्ष्य पर चर्चा की, लेकिन सहमति व्यक्त की कि डिप्लोमसी और बातचीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ साथ चीन में भारतीय छात्रों की दुर्दशा पर भी चर्चा की गई जिन्हें COVID प्रतिबंधों का हवाला देते हुए वापस जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। चीन के भेदभाव भरे इस रूख पर सरकार ने अपना विचार दिया क्योंकि इसमें कई युवाओं का भविष्य शामिल है।

इसके पहले इस्लामिक सहयोग संगठन में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ देने पर चीन की भारत सरकार ने जमकर फटकार लगाई थी और कश्मीर पर चीन के झूठ का फर्दाफाश किया था और आज चीन को दो टूक बोला है कि अगर दोस्ती करना चाहते हो तो पहले सुधरो।