भारत-चीन तनाव: राफेल में लगे हैमर मिसाइल से कांपेगा चीन, जान लें खूबियां

भारत और चीन (India and China Tension) के बीच तनाव थोड़ा कम जरूर हुआ है लेकिन खत्म नहीं हुआ है। लद्दाख में तनातनी (Ladakh Standoff) अभी बरकरार है और भारत चीन के धोखे का इतिहास देखते हुए उससे निपटने के लिए पूरी तैयारी कर चुका है। फ्रांस से 29 जुलाई को भारत आ रहे राफेल लड़ाकू विमानों में (Rafale Combat Aircraft) में हैमर (HAMMER यानी हाइली अजाइल मॉड्युलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज) मिसाइले लगाई जाएंगी।

 

भारत ने लद्दाख से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पूरी तैयारी कर ली है। चीनी सैनिकों को जवाब देने के लिए भारतीय सेना के जवान मुस्तैद हैं। इसके अलावा वायुसेना और नौसेना भी हाई अलर्ट मोड में है। भारत ने चीन को साफ-साफ कह दिया है कि उसे विवादित इलाकों से अपने सैनिकों को हटाना ही होगा।

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फ्रांस भारत के आग्रह पर यह घातक मिसाइल जल्द देने पर सहमत हो गया है। राफेल से फायर होने के बाद इस मिसाइल की मारक क्षमता काफी बढ़ जाती है। इसका निशाना अचूक है। फ्रांस को इस विमान में हैमर मिसाइल लगाने का आपातकालीन आदेश देने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

राफेल संग हैमर मिसाइल, घातक कांबिनेशन

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चीन से निपटने के लिए वायुसेना हर मोर्चे पर आगे रहना चाहती है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक वायुसेना ने एक अन्य घातक हथियार का ऑर्डर दिया है। यह हथियार है HAMMER। हवा से सतह पर मार करने वाली वाली यह मिसाइल फ्रांस से ही मंगाया जा रहा है।

बेहद घातक है हैमर, बंकरों को पल में कर देता ध्वस्त

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राफेल के हैमर मिसाइल से लैस होने के बाद भारत को बड़ी बढ़त हासिल हो जाएगी। यह मिसाइल किसी भी प्रकार के बंकर या सख्त सतह को पल में मटियामेट करने की ताकत रखता है। यह किसी भी स्थिति में बेहद उपयोगी है। बेहद कठिन पूर्वी लद्दाख जैसे इलाकों में इसकी मारक क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ती है।

70 किलोमीटर तक है हैमर की मारक क्षमता

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इस घातक हथियार की मारक क्षमता बड़ी तगड़ी है। यह 20 किलोमीटर से 70 किलोमीटर की दूरी तक अचूक निशाना लगाने में माहिर है। जिस लड़ाकू विमान से हैमर को फायर किया जाता है वह उसकी मारक दूरी के कारण ही दुश्मन की एयर डिफेंस से बचने में सफल रहता है। क्योंकि दूरी के कारण लड़ाकू विमान दुश्मन के रेडार पर नजर नहीं आता है।

हैमर की क्षमता देख हैरान हो जाएंगे

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HAMMER एक अत्याधुनिक हथियार है। इसे कई तरह से संचालित किया जा सकता है। इसे सैटेलाइट के जरिए, इंफ्रा रेड सीकर के जरिए या फिर लेजर के जरिए गाइड किया जा सकता है। यह हवा में कम ऊंचाई से लेकर पहाड़ी इलाको में समान क्षमता के साथ करती है।

हैमर में कई तरह के बम कर सकते हैं फिट

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HAMMER मिसाइल किट में अलग-अलग साइज के बम भी फिट किए जा सकते हैं। ये 125 किलो, 250 किलो, 500 किलो यहां तक कि 1000 किलोग्राम के भी हो सकते हैं।

राफेल 6 हैमर को एकसाथ ले जा सकता है

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लड़ाकू विमान राफेल एकसाथ 250 किलोग्राम के 6 हैमर मिसाइल को ले जा सकता है। यह एकसाथ 6 टारगेट को निशाना लगा सकता है। हैमर मिसाइल सबसे पहले 2008 में फ्रांस नेवी में शामिल किया गया था।

Published on: Navbharat Times