चीन ने भारत के लिये खोला ग्रीन चैनल, भारत आ सकेंगे कार्गो प्लेन

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चीन ने भारत को मेडिकल सप्लाई भेजने के लिए ग्रीन चैनल को ओपन कर दिया है। दोनों देशों के बीच हुए उच्चस्तरीय बैठक मे इस बात का फैसला किया गया | चीन ने कोरोना से लड़ाई मे भारत की हरसम्भव मदद करने का वादा किया है |

भारत के लिये क्या हैं ग्रीन चैनल खुलने के मायने  

इसका मतलब अब भारत के कार्गो प्लेन मेडिकल आपूर्ति लेकर आ सकेंगे। इस मेडिकल सप्लाई में पीपीई, वेंटिलेटर और टेस्टिंग किट शामिल हैं। भारत ने इससे पहले भी चीन से पीपीई किट का आयात किया है।

भारत में चीनी राजदूत सन वीडॉन्ग ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘चीन ने महामारी के दौरान इंडियन एयर कार्गो के लिए ग्रीन चैनल को खोल दिया है और मेडिकल सप्लाई से भरे 35 कार्गो प्लेन को मंजूरी दी गई है जो कि जरूरत के वक्त भारत पीपीई, वेंटिलेटर और टेस्टिंग किट लेकर जाएंगे। हम कोविड19 महामारी से लड़ाई में भारत का साथ देना जारी रखेंगे।’

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए भारत चीन से मेडिकल उपकरण आयात कर रहा है। भारत को चीन से पीपीई किट, वेंटिलेटर और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने हैं। हालांकि, इसके पहले चीन की तरफ से भेजे गए पीपीई किट में खराबी पाई गई थी। इसके बाद चीन ने सफाई दी थी कि वह मामले को गंभीरता से ले रहा है और भारत की मदद करेगा।

चीन से आयात किए गए पीपीई किट के बड़ी संख्या में खराब पाए जाने के बाद भारत ने मंगलवार को इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। वहीं, आलोचना से घिरने के बाद चीनी दूतावास ने कहा था कि हमारे के लिए सामान की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है। यह मामला बेहद गंभीर है।

खराब किट पर ऐसे किया बचाव

चीन से जो भी किट भारत भेजा गया है उसकी गुणवत्ता का मामला हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हम लगातार भारतीय एजेंसियों के संपर्क में है। भारत की हर संभव सहायता की जाएगी। भारत में मौजूद चीनी दूतावास ने अपने बयान में यह भी कहा कि आयात करने से पहले सामान की गुणवत्ता और कंपनी की पड़ताल कर लेनी चाहिए थी। भारत को चीन के प्रमाणित कंपनियों से ही मेडिकल सामान लेना चाहिए।

 


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