हुवावे के मुद्दे पर झुका चीन, 5G परीक्षण पर स्वतंत्र निर्णय लेने के लिए भारत से आग्रह

Huwei_5G

चीन की शीर्ष टेलिकॉम कंपनी हुवावे के 5G परीक्षण में भाग लेने की अनुमति के मुद्दे पर चीन ने भारत से आग्रह किया है कि वो अमेरिकी दबाब के बिना स्वतंत्र रूप से निर्णय ले| हुवावे दुनिया की शीर्ष दूरसंचार उपकरण और स्मार्टफोन बनाने वाली दूसरी बड़ी कंपनी है। साथ ही 5G तकनीक में जो टेलिकॉम कंपनियां अभी तक रिसर्च और डेवलपमेंट में लगी थी उनमें चीनी कंपनी हुवावे अग्रणी है|

उल्लेखनीय है की अमेरिका ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हुवावे पर प्रतिबंध लगाया हुआ है साथ ही वो दुसरे देशों को भी हुवावे के काम पर प्रतिबंध लगाने के लिए गोलबंदी कर रहा है|

एक सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने मीडिया से कहा था कि, “चीन किसी अन्य देश के स्थानीय कानून के हिसाब से लगाए गए एकतरफा प्रतिबंध का कड़ा विरोध करता है। साथ ही निर्यात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा मुद्दे के दुरुपयोग का भी विरोध करता है।“ उन्होंने आगे कहा, “हम भारत से आग्रह करते हैं कि इस मुद्दे पर वो अमेरिका के प्रतिबंध से प्रभावित ना हो और चीन के कारोबारियों को एक पक्षपात और भेदभाव रहित माहौल उपलब्ध कराए।“

यहाँ ये बताना आवश्यक होगा कि चीन खुद अपने यहाँ बाहरी कंपनियों को मन मर्जी तरीके से काम करने से रोकता है जिस से चीन की स्वदेशी कंपनियों के कारोबार पर असर न पड़े|

इस मुद्दे पर बात करते हुए केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि, “5G सिर्फ तकनीकी मुद्दा नहीं है| ये एक क्रन्तिकारी टेक्नोलॉजी है जिसके बहुमुखी आयाम हैं, जिनमें सुरक्षा संबंधी मुद्दे अहम् हैं| ऐसे में भारत लचर रुख न अपनाकर कड़ा रुख अपनाएगा|” 5G परीक्षण में हुवावे की भागीदारी के मुद्दे पर केंदीय मंत्री ने कहा था कि, “जब सवाल सुरक्षा का हो तो किसी एक कंपनी को किसी तकनीक के परीक्षण के लिए अनुमति देना या नहीं देना जटिल मसला है”|