मोदी राज मे चीन की हेकड़ी हुई कम, अरूणाचल और पीओके को भारत का हिस्सा माना

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मोदी राज मे चीन की हेकड़ी हुई कम, अरूणाचल और पीओके को भारत का हिस्सा माना

मोदी जी का दमखम अब इस कदर बढ़ गया है कि चीन कल तक जो अरूणाचल और पीओके को भारत के नक्शे मे नही दिखाता था, वो आज भारत का हिस्सा बता रहा है।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने जारी किया नक्शा

पीएम मोदी की विदेश नीति पर यूँ तो 5 साल से उनके विरोधी सवाल खड़ा करते आये हैं, लेकिन इसमे दो राय नही है कि मोदी सरकार की कोशिश अब रंग ला रही है। समूचे विश्व मे भारत को अब एक शक्तिशाली देश के तौर पर देखने लगे है और भारत का लोहा भी मानने लगे हैं| जहाँ भारत की आवाज अब विश्व समुदाय सुन ही नही रहा है बल्कि उसपर सहमति भी जता रहा है, तो दूसरी तरफ चीन के सुर भी भारत को लेकर बदले है। इसी का नतीजा है कि आज चीन अरूणाचल और पीओके के हिस्से को भारत के हिस्से में दिखा रहा है। जबकि पहले वो भारत के नक्शे के साथ हमेशा इन इलाको को नही दिखाता था। साथ ही कई बार भारत के नक्शे के साथ छेडखानी भी करता रहता था।

लेकिन ये मोदी का दम है कि आज चीन इन इलाकों को भी भारत का इलाका बताकर अपनी भूल सुधार रहा है। इतना ही नही ये तब हो रहा है जब भारत, चीन की परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का विरोध खुलकर कर रहा है। चीन भी अब भारत को कमजोर नही मान रहा है और ये सब अगर किसी वजह से हुआ है, तो वो है मोदी की “न आँख झुकाकर और न आँख उठाकर” बल्कि आँख मे आँख डालकर बात करने की नीति के चलते|

ऐसे में विदेश नीति पर सवाल करने वाले देश के विद्वान आज चुप है और वो इसपर कुछ कहने से परहेज कर रहे है। क्योकि वो अच्छी तरह से जान गये है कि सच मे मोदी राज मे एक नये भारत का उदय हुआ है जो किसी भी स्थिति से निपटने के लिये तैयार है।

मतलब साफ है कि नये भारत की शुरूआत मोदी शासन में हो चुकी है। इसका असर भी दिखने लगा है। बस अब इसे एक मुकाम तक ले जाना है, जिसका सपना देश के लिये शहीद क्रांतीकारियो ने देखा था, यानी विश्व गुरू बनाने का।


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