दिल्ली के प्रदूषण पर बच्चे का निबंध वायरल

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विज्ञान के इस युग में जहां हमें कुछ वरदान मिले है, वहां कुछ अभिशाप भी मिले हैं। प्रदूषण एक ऐसा अभिशाप हैं जो विज्ञान की कोख में से जन्मा हैं और जिसे सहने के लिए अधिकांश लोग मजबूर हैं।

बता दे कि प्रदूषण का अर्थ है – मानवीय गतिविधियों द्वार प्राकृतिक संतुलन में दोष पैदा होना।

essay on Delhi's pollution goes viral

और इसी का नतीजा है कि दिल्ली पिछले कुछ समय से धुंध की मोटी चादर में लिपटी हुई है और लगातार दिल्ली का प्रदूषण का स्तर ‘‘गंभीर” की श्रेणी में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि हवा की धीमी गति भी प्रदूषण बढ़ने का एक कारण है क्योंकि इसके कारण प्रदूषक तत्व एक ही स्थान पर ठहरे रहते हैं और यहां वहां छितर नहीं पाते। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘गंभीर’ की श्रेणी’ में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के अनुसार सभी निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में पायी गयी। अनेक स्थानों पर पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर सामान्य से कम से कम आठ गुना अधिक था। दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के कारण छाई धुंध को देखते हुए स्कूल शुक्रवार को भी बंद रहे।

प्रदूषण पर बच्चे का निबंध वायरल

इसी बीच दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच सोशल मीडिया पर निबंध तेजी से वायरल हो रहा है। दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के कारण सभी स्कूल बंद है इसी बात को मुद्दा बनाकर एक बच्चे ने ‘पलूशन हॉलिडे’ पर एक निबंध लिखा है। इसमें दिल्ली के प्रदूषण पर बच्चे ने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। बच्चा बता रहा है कि अब से प्रदूषण दिल्ली का प्रमुख त्योहार है। बच्चा अपनी बात को पुख्ता करने के लिए कई ‘वजह’ भी गिना रहा है।

‘पलूशन हॉलिडे’ निबंध

प्रदूषण का त्योहार हमेशा दिवाली के बाद शुरू होता है। इसमें हमें दिवाली से भी ज्यादा हॉलीडे मिलते हैं। दिवाली में हमें 4 हॉलिडे मिलते हैं। लेकिन प्रदूषण में हमें 6+2=8 हॉलिडे मिलते हैं। इसमें लोग अलग-अलग मास्क पहनकर घूमते हैं। गौरतलब है कि दिल्ली और एनसीआर के स्कूल प्रदूषण के कारण दो बार बंद किए जा चुके हैं।

बच्चे का यह निबंध ट्विटर, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोगो द्वारा इस निबंध को फेसबुक, ट्विटर और वॉट्सऐप पर शेयर किया जा रहा है। इस बीच दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। द्वारका, पूसा रोड, सत्यवती कॉलेज, पंजाबी बाग में यह 700 तक पहुंच चुका है। वहीं गुड़गांव में कुछ जगह पीएम 2.5 का स्तर 800 पार है।

प्रदूषण से बचने के उपाय

प्रदूषण मात्र एक देश की समस्या नही है बल्कि की यह पूरे विश्व की समस्या है, इसलिए इसे रोकने के लिए हम सब को एक साथ आना होगा। प्रदूषण से बचने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए कि, ताकि हरियाली की मात्रा अधिक से अधिक हो। सड़कों के किनारे घने वृक्ष हों। कल-कारखानों को आबादी से दूर रखना चाहिए और उनसे निकले प्रदूषित मल को नष्ट करने के उपाय सोचना चाहिए।

 


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