मोदी राज में ग्रामीण भारत की बदलती सूरत

सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार ग्रामीण भारत को बदलने और लाखों भारतीयों को सशक्त बनाने के लिए नई नई योजनाए बना रहे है और उन्हे लागू भी कर रही है। इसी क्रम में मोदी सरकार 11 अक्टूबर को एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। जिसका नाम स्वामित्व योजना है जिसके तहत 1.32 लाख लोगों को एक कार्ड दिया जायेगा। इस कदम से ग्रामीणों द्वारा ऋण लेने और अन्य वित्तीय लाभ के लिए संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने का मार्ग खुल जायेगा।

स्वामित्व योजना बनेगी वरदान

स्वामित्व पंचायती राज मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसे 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण घरों के मालिकों को ‘अधिकारों का रिकॉर्ड’ प्रदान करना और संपत्ति कार्ड जारी करना है। इस योजना को चार साल 2020-2024 की अवधि में पूरे देश में लागू किया जा रहा है और यह अंततः देश के लगभग 6.62 लाख गांवों को कवर करेगा। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक राज्यों में लगभग 1 लाख गाँव और पंजाब और राजस्थान के कुछ सीमावर्ती गाँव, पंजाब और राजस्थान में सतत संचालन प्रणाली (कॉर्स) स्टेशनों के नेटवर्क की स्थापना के साथ, पायलट चरण 2020-21में शामिल किया जा रहा है। इन सभी छह राज्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों के ड्रोन सर्वेक्षण और योजना के कार्यान्वयन के लिए भारत के सर्वेक्षण के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इन राज्यों ने डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड प्रारूप और गांवों को ड्रोन आधारित सर्वेक्षण के लिए अंतिम रूप दिया है।

क्या होगा फायदा ?

पीएम मोदी जो कार्ड लोगों को  सौंपेंगे उससे मालिकों द्वारा लोन लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है और यह ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों का रिकॉर्ड रखने में भी मदद करेगा। वर्तमान में ऐसा कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। लेकिन सरकार के इस कदम से हर एक संपत्ति का सही ऑकड़ा भी मिल जायेगा जिसके आधार में उस इलाके में विकास में क्या जरूरी है ये सरकार को पता चलने में आसानी होगी जिसकी मदद से सरकार उस इलाके में तेजी के साथ विकास कार्यों को कर सकेगी। तो दूसरी तरफ गांव के लोगो को बैंक से लोन लेने में बहुत मदद मिलेगी जिससे वो खुद आत्मनिर्भर बन सकते है।

 

नये भारत में इंटरनेट से जुड़ रहे गांव

नये भारत में गांव की सूरत भी बदले इसके लिये सरकार ने देश के लाखों गांवों में इंटरनेट की सुविधा से भी जोड़ा है जिससे गांव के लोग दुनिया से जुड़ सके पंचायत के कामकाज पर भी सरकार सीधी नजर रख सके इसका फायदा भी आज गांव में देखा जा रहा है। गांव की समस्या का हल तुरंत हो रहा है। इतना ही नही ऑकड़े बता रहे है कि गांव में नेट यूजर की संख्या शहरो से 10 फीसदी ज्यादा हो गई है।

मोदी सरकार शहरों के विकास के साथ साथ देश की आत्मा गांवों को भी हाइटेक बनाने में एक तरफ जुटी है तो दूसरी तरफ गांव में रहने वालो को मालिकाना हक देकर उनको आत्मसम्मान भी दे रही है। जो उन्हे 70 साल से नही मिला था।

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