240 साल बाद काशी विश्वनाथ मंदिर की बदली काया, पीएम मोदी जल्द कर सकते है उद्घाटन

आजाद भारत के इतिहास में पहला ऐसा मौका है जब काशी विश्वनाथ मंदिर का विस्तार किया जा रहा है। इससे पहले 1780 इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर  ने काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था और महाराजा रणजीत सिंह  ने 1836 में सोने का छत्र बनवाया था। अब नए भारत के निर्माण में पीएम मोदी पहले ऐसे शासक हैं जिन्होंने करीब 250 साल बाद काशी विश्वनाथ कॉरिडोर  को विस्तार देकर इसका सौंदर्यीकरण करा रहे हैं। इससे सनातन धर्म को मानने वालो को विश्वनाथ मंदिर में आने पर कोई परेशानी न हो।

काशी विश्वनाथ धाम का अधिकतर हुआ पूरा

पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना श्री काशी विश्वनाथ धाम की इमारतें अब धीरे-धीरे अपने स्वरुप में आने लगी है। इन इमारतों में एम्पोरियम व मंदिर चौक का प्रांगण काफी महत्वपूर्ण है। सावन और महाशिवरात्रि जैसे महापर्वों में ये प्रांगण भक्तों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। मंदिर चौक के व्यूइंग गैलरी से गंगा व बाबा विश्वनाथ के शिखर का दर्शन हो पाएगा। यहां मौजूद एम्पोरियम में देश की हस्त निर्मित, हैंडीक्राफ्ट आदि चीजें भी एक छत के नीचे मिल सकेगी। एक तरह से से देखा जाये तो मंदिर का कार्य अब अंतिम चरण में चल रहा है और कयास लगाया जा रहा है कि खुद पीएम मोदी दिसंबर के अंत तक इसका उद्घाटन कर सकते है। वैसे अब इस मंदिर की भव्यता देखने वाली है क्योकि संकरी गलियों में बसा ये मंदिर आज चारो तरफ खुला खुला सा होगा। पूर्व की तरफ़ श्री काशी विश्वनाथ धाम की अन्य इमारते और माँ गंगा के दर्शन कर सकते है। वही पश्चिम की तरफ बाबा दरबार का अद्भुत नज़ारा दिखेगा और बाबा दरबार का स्वर्ण शिखर के दर्शन भी कर सकेंगे।

339 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा है काशी विश्वनाथ धाम का विस्तार

काशी विश्वनाथ धाम या कॉरिडोर का विकास करीब 50,200 वर्ग मीटर में 339 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा है। भव्य आनंद वन में सुरक्षा, म्यूजियम, फैसिलेशन सेंटर, वाराणसी गैलरी, मुमुक्ष, भवन जैसे 24 भवनों का निर्माण हो रहा है। मंदिर चौक के व्यूइंग गैलेरी से बाबा और मां गंगा का अद्भुत नजारा दे सकेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वास्तुशिल्प का अद्धभुत नजारा भी देखने को मिलेगा। मंदिर परिसर के पूर्वी द्वार से बाहर निकलते ही आप मंदिर चौक के विशाल एरिया में पहुंच जाएंगे। यही रास्ता आगे मां गंगा का दर्शन भी कराएगा। इंग्लिश के यू (U) आकार का भूतल और दो मंजिल का ये प्रांगण करीब 35000 स्क्वायर फीट का है। मंदिर चौक गेटवे भी यही है। श्री काशी विश्वनाथ ट्रस्ट के सीईओ सुनील वर्मा की माने तो  मंदिर चौक की पहली मंजिल पर एम्पोरियम होगा। यहां पर हैंडीक्राफ्ट व सोविनियर की दुकानें होंगी, जिसमें देश के करीब सभी हिस्सों में बनाए जाने वाले हैंडीक्राफ्ट के उत्पादों की दुकानें होंगी । ये दुकानें अनेकता में एकता को पिरोती हुई देश के कई राज्यों का प्रतिनिधित्व करेगी।

सबसे बड़ी बात ये है कि पूरे निर्माण में मंदिर की संस्कृति को और पुरानी विरासतो को संभाला भी गया है। मसलन इस दौरान कई ऐसे मंदिर भी निकले जो सालो से वहां बने मकानों में छुपे हुए थे। मतलब भव्यता के साथ साथ आधुनिकीकरण के दर्शन भी करने का मौका अब देशवासियों को मिलेगा।

 

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