चाँद के अनदेखे हिस्से पर उतरने को तैयार चंद्रयान II

chandrayaan 2, Second moon mission of india

15 जुलाई की सुबह लगभग 2:51 मिनट पर श्रीहरिकोटा से ‘चंद्रयान 2’ पृथ्वी से चन्द्रमा के लिए उड़ान भरेगा| इस मिशन की झलक हाल ही में  दिखाई है| भारत 10 साल में दूसरी बार चाँद पर कदम रखने जा रहा है| और चंद्रयान 2 की खास बात यह है की इसे पूरी तरह से स्वदेश में बनाया गया है| यह मेक इन इंडिया का एक बेहतरीन उदाहरण है|

Chandrayan_2

इस वक्त इसरो इस उपग्रह को अंतिम रूप देने में लगा है| इस उपग्रह की लागत लगभग 600 करोड़ रुपय की है| इसे लेकर देशवासियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है| इस बार चाँद के अनदेखे हिस्सों पर चंद्रयान 2 को उतरा जायेगा|

इस उपग्रह का वजन 3.8 टन है| बुधवार को ही इसरो ने इसकी पहली तस्वीर देशवासियों के साथ साझा की है|

जानिए चंद्रयान 2 से जुरी कुछ खास बातें –

चंद्रयान 2 तैयार है और इसे जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (GSLV Mk III) के ज़रिये लॉन्च किया जाएगा| इसके 3 मॉडयूल है, जिनमे से एक ऑरबिटर, ‘विक्रम’ नामक एक लैंडर तथा ‘प्रज्ञान’ नामक एक रोवर शामिल हैं| रोवर को लैंडर के अन्दर रखा जायेगा और लैंडर के लैंड होने पर रोवर को तैनात किया जायेगा| 15 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद उपग्रह ‘चंद्रयान 2’ को कई हफ्ते लगेंगे, और फिर वह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा| गौरतलब है कि यह चंद्रमा का वह हिस्सा है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी अंतरिक्ष यान नहीं उतरा है|

नासा भी कर रही है मदद –

chandrayaan 2, Second moon mission of india

LASER रेंजिंग के लिए NASA के उपकरण को भी निःशुल्क ले जा रही है| इसरो से मिली जानकारी के मुताबिक चंद्रयान 2 ऑर्बिटर मिशन के दौरान चाँद के चक्कर लगाएगा और फिर चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंड होगा| इसके सरे प्रकरण को धरती पर बैठे इसरो के अधिकारी कण्ट्रोल करेंगे| मिशन में 13 भारतीय पेलोड (अंतरिक्ष यान का हिस्सा) और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का एक उपकरण शामिल किया गया है।

इसके पहले चंद्रयान-1 2009 में भेजा गया था। हालांकि, उसमें रोवर शामिल नहीं था। चंद्रयान-1 में केवल एक ऑर्बिटर और इंपैक्टर था जो चांद के साउथ पोल पर पहुंचा था। उम्मीद की जा रही है की 6 सितम्बर को चंद्रयान 2 चन्द्रमा की सतह पर उतर जायेगा|

चंद्रयान 2 की लौन्चिंग में क्यूँ हुई देरी –

कुछ टेस्ट बचे रहने की वजह से लॉन्चिंग को अप्रैल 2018 और फिर अक्टूबर 2018 तक टाला गया। जून 2018 में इसरो ने फैसला लिया कि कुछ जरूरी बदलाव करके चंद्रयान- 2 की लॉन्चिंग जनवरी 2019 में होगी। लेकिन पहले इसे फरवरी 2019 तक टाला गया और फिर अप्रैल 2019 में भी इसकी लॉन्चिंग की खबर तो आई लेकिन एकबार फिर लॉन्चिंग को टाल दिया गया। लेकिन अब इसरो ने कहा है कि 9 से 16 जुलाई के बीच चंद्रयान-2 को लॉन्च किया जाएगा।

भारत इस लौन्चिंग के साथ ही दुनिया में सबसे पहला ऐसा देश होगा जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा|