अमेरिकी कंपनियों के सीईओ ने माना भारत है इस वक्त आकर्षक निवेश स्थल

अमेरिकी दौरे के दौरान पीएम मोदी की ताबड़तोड़ बैठको का दौर पहले ही दिन देखा गया जब उन्होने अमेरिका की अमेरिका की शीर्ष कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की। उन्होंने क्वॉलकॉम, एडोब, फर्स्ट सोलर, जनरल ऑटोमिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से मिले। सभी को भारत में निवेश करना क्यो चाहिये ये समझाया। 

क्वॉलकॉम के सीईओ से मिले पीएम

पीएम मोदी सबसे पहले क्वालकॉम के सीईओ क्रिश्चियानो आर अमोन से मिले। यह कंपनी सेमीकंडक्टर्स, सॉफ्टवेयर और वायरलैस टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में काम करती है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि कंपनी ने भारत के साथ काम करने का उत्साह जताया है। हालांकि, मौजूदा दौर में भी क्वालकॉम की भारत में मजबूत उपस्थिति है। कंपनी यहां रिसर्च और डेवलपमेंट में काम कर रही है। सूत्रों का कहना है सीईओ अमोन ने कहा, ‘भारत के लिए यह सही समय है, जब वह भारतीय बाजार के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य देशों को सेवाएं देने की भी योजना बनाए।’ सूत्र बताते हैं कि अमोन ने सेमी कंडक्टर्स के क्षेत्र में भी भारत के साथ साझेदारी करने में दिलचस्पी दिखाई है।

 

एडोब के सीईओ के साथ पीएम की बैठक

एडोब के सीईओ शांतनु नारायण के साथ पीएम मोदी की सार्थक बैठक हुई। शांतनु ने कोरोना से लड़ने और विशेष रूप से तेजी से टीकाकरण में भारत के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ में योगदान करने में रुचि व्यक्त की। उन्होंने भारत के हर बच्चे के लिए वीडियो, एनिमेशन लाने की इच्छा जाहिर की। पीएम ने कहा कि हर बच्चे के लिए स्मार्ट शिक्षा लाना महत्वपूर्ण है और यह तकनीक को बहुत महत्वपूर्ण बनाता है, उन्होंने कहा कि कोविड युग में डिजिटल शिक्षा की नींव रखी गई है और हमें अब आगे बढ़ना चाहिए। एडोब के सीईओ और प्रधानमंत्री दोनों ने भारत में अर्टीफिसियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उत्कृष्टता के कुछ केंद्र बनाने पर जोर दिया।

फर्स्ट सोलर के सीईओ से मिले पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी और फर्स्ट सोलर के सीईओ मार्क विडमार के बीच वॉशिंगटन में बातचीत हुई। मार्क विडमार ने जलवायु परिवर्तन और संबंधित उद्योगों के लिए भारतीय नीतियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। पीएम ने वन वर्ल्ड, वन सन एंड वन ग्रिड पहल और इसकी क्षमता के बारे में बात की। उन्होंने भारत के 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा के महत्वाकांक्षी लक्ष्य का उल्लेख किया। उन्होंने सौर ऊर्जा के निर्माण पर भारत के फोकस पर भी जोर दिया और कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में कंपनियां हमारी पीएलआई योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सकती हैं, पीएम ने भारत के हरित हाइड्रोजन मिशन के बारे में भी बताया।

 

ब्लैकस्टन के सीईओ से पीएम मोदी की मुलाकात

ब्लैकस्टन के सीईओ स्टीफन श्वार्ज़मैन के साथ पीएम मोदी की सार्थक बैठक हुई। श्वार्ज़मैन ने भारत में ब्लैकस्टोन के निवेश और इसे और बढ़ाने की उनकी योजनाओं के बारे में बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में ब्लैकस्टोन की साझेदारी के और विस्तार की बहुत गुंजाइश है और भारत में किए गए सुधारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष रूप से एसेट मोनेटाइजेशन और बैड बैंक के बारे में बात की। श्वार्जमैन ने कहा कि वह भारत की क्षमता के बारे में बहुत आशावादी हैं और उन्होंने कहा कि यह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते देशों में से एक है। उन्होंने भारत द्वारा किए गए सुधारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया में निवेश के लिए भारत हमारा सबसे अच्छा बाजार रहा है।

जनरल एटॉमिक के सीईओ से पीएम की चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी की जनरल एटॉमिक के सीईओ विवेक लाल के साथ सार्थक बैठक हुई। पीएम मोदी ने भारत की उदार ड्रोन नीति और पीएलआई योजना के कारण विनिर्माण के क्षेत्र में अवसर के बारे में बात की। विवेक लाल ने यह भी कहा कि भारत ड्रोन के निर्माण के लिए एक आकर्षक गंतव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करने के लिए भारत में एक समर्पित ड्रोन हब बनाया जा सकता है। इस दौरान पीएम मोदी से हुई महज 20 मिनट की बैठक में ये भी सहमती बनी की जनरल एटॉमिक्स भारत को 30 प्रीडेटर ड्रोन देगी जो एक बड़ी कामयाबी है।

कोरोना के बाद जिस तरह से भारत में निवेश बड़ा है उससे ये साफ पता चलता है कि आज किसी भी सेक्टर की कंपनिया भारत में आकर बिजनेस ही नही करना चाहती बल्कि भारत में अपने कारखाने खोलकर अपने समान को दुनिया में निर्यात करना चाहती है। क्योंकि जिस तरह से भारत में सरकार कंपनिया खोलने के लिये सहूलियत दे रही है शायद ही वो कही और मिलती हो और इसी का परिणाम है कि भारत कई बड़ी कंपनिया दस्तक भी दे चुकी है।