कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए अब केंद्र ने संभाली दिल्ली की कमान

कोरोना महामारी की दूसरी लहर में देश में तो हालात विषम कर दिये है लेकिन राजधानी दिल्ली की हालात सबसे ज्यादा खराब है। खुद इस बात को राज्य सरकार भी मान रही है जिसके बाद दिल्ली वालो को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ सेवाओ की मदद मोदी सरकार कर रही है। इसके लिये मोदी सरकार ने युध्द स्तर पर काम करते हुए कई ठोस कदम उटाये है जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही हालात ठीक हो जायेगे।

केंद्र सरकार के अस्पतालों में बेड़ो की संख्या को बढ़ाया गया

दिल्ली में मरीजो की बढ़ती सख्या को देखते हुए तुरंत मोदी सरकार ने केंद्र के अस्पतालो में बेड की संख्या को बढ़ाने का काम शुरू कर दिया है। ऑकड़ो पर नजर डाले तो में सरकार ने पीएम केयर्स के तहत दिल्ली कैंट में DRDO ने 500 बेड का अस्पताल बनाकर उसमें मरीज भर्ती भी करने लगे है। इसी तरह छतरपुर में सरदार पटेल COVID केयर सेंटर के 250 बेड आम लोगों के इलाज के लिये खोल दिये गये है। इतना ही नही सरकार ने इस अस्पतालों के लिये डॉक्टर और नर्सों की अलग से व्यवस्था भी की है। साथ ही अपने अस्पतालो में बेड की संख्या को 1090 से बढ़ाकर 3800 कर दिया है। इसके अलावा रेलवे के जरिये कोविड कोच लगाकर करीब 1200 बेड की और व्यवस्था कर दी गई है। रेलवे ने शकूरपुर और आंनद बिहार में ये ट्रेने खड़ी की है जिसके बाद दिल्ली में 730 नये आईसीयू बेड भी बढ़ गये है। इतना ही नही ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा किल्लत दिल्ली में एक दो दिन से देखी जा रही है। इसको दूर करने के लिए सरकार ने 378 मीट्रिक टन से 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटन कर रही है। वही रेल के जरिये ऑक्सीजन भी पहुंचाई जा रही है। खुद ऑक्सीजन आने में देरी न हो इसके लिये पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल्ली के अस्पतालों तक टैंकर पहुंचा रही है।

आप सरकार की उदासीनता के चलते कोरोना से जूझते दिल्लीवाले

इस तरह की व्यवस्था करने के बाद भी राजधानी वालो को दिक्कत न हो इसके लिये नई नई रणनिती तैयार की जा रही है। हालाकि इस बीच देखा जाये तो राज्य सरकार ने पूरी तरह से हाथ खड़े कर दिये है और दिल्लीवालो को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। खुद सीएम ये बोलते दिख रहे है कि उनके हाथ में अब कुछ नही है। हालाकि जब व्यवस्था बनाने का समय था तब वो सिर्फ कोरोना को लेकर केंद्र पर आरोप लगा रहे थे और सियासत कर रहे थे खुद कोर् ने भी ये बात माना है। कि आखिर जब ऑक्सीजन की कमी होने वाली है ये पता चल गया था तो रेलवे से क्यो नही संपर्क किया गया और ऑक्सीजन को जल्द क्यो नही मंगाया गया। जिसका जवाब देने में केजरीवाल सरकार असहाय ही दिख रही है।

अब जब स्थिति बिगड चुकी है तो केंद्र फिर से दिल्ली की व्यवस्था को दुरूस्त करने में लगा है। जिसमें माना जा रहा है कि एक दो दिन लग सकता है। ऐसे में दिल्ली वाले बिना पैनिक हुए बस कोरोना गाइडलाइन को माने जिससे इस महा आपदा से बच सके।