वोकल फॉर लोकल (Vocal For Local) के साथ मनाये दिवाली –पीएम मोदी 

दिवाली त्योहार अब बिलकुल करीब आ गया है कोरोना के बाद बाजारों में फिर से रौनक भी देखने को मिलने लगी है। लोग पूरे एतियात के साथ दिवाली की खरीदारी में है और इस बात को पीएम मोदी भी अच्छी तरह से जानते है तभी वो अपने हर भाषण में वोकल फॉर लोकल पर जोर देने की बात कर रहे है।


वोकल फॉर लोकल पर पीएम मोदी का जोर

मौका भी है और दस्तूर भी इस वक्त दिवाली त्योहार के चलते हर कोई न कोई खरीदारी में लगा हुआ है। ऐसे में पीएम ने देश वालों से अपील की है कि वो वोकल फॉर लोकल सामान ही खरीदे जिससे देश का भला हो सके। पीएम मोदी ने बनारस में 614 करोड़ रूपये की योजनाओं को शुरू करते हुए देश के लोगो से अपील की। पीएम ने कहा कि लोकल फॉर वोकल का मतलब यह नहीं है कि घर में रखा कोई विदेशी सामान ले जाकर गंगा में फेंक दें। दीया या कोई ऐसा सामान जो लोकल हो उस को बढ़ावा दें। इस बार दीपावली पर लोकल समान ही खरीदें। हां जो सामान देश में बनते ही नही उनको तो विदेशी कंपनी से ही खरीदना होगा। लेकिन कोशिश यही करें कि इस बार लोकर सामान ज्यादा खरीदेंगे।

पीएम क्यो जोर दे रहे है वोकल फॉर लोकल पर

आखिर पीएम मोदी इन दिनों वोकल फॉर लोकल पर इतना जोर क्यो दे रहे है ये आप सब लोगो जरूर सोच रहे होगे। ये सब जानते है कि कोरोना काल के चलते देश में एक लंबे समय तक लॉकडाउन लगा रहा जिसका असर ये हुआ कि कल कारखाने पूरी तरह से बंद रहे जिससे अर्थव्यवस्था को बहुत बुरी चोट लगी है लेकिन अब त्योहार के सीजन में लोग खरीदारी के लिये बाहर निकल रहे है तो सरकार के कदम से लोगो की जेब में भी पैसा आ चुका है। ऐसे में अगर देशवासी लोकल चीजो को खरीदने में ज्यादा जोर देगे तो देश का आर्थिक पहिया एक बार फिर से दौड पायेगा कुछ यही विचार से अब पीएम मोदी लोकल चीजो को खरीदने के लिये हर सभा से लोगो को प्रोत्साहित कर रहे है। तो दूसरी तरफ अगर लोकल सामान लोग खरीदगे तो उस इलाके में उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी जिससे रोजगार खड़े होगे। बस इसी सोच के लिये पीएम मोदी इस पर जोर देने की बात कर रहे है।

इस नेक काम में हमे भी अपने प्रधान के साथ खड़ा होना चाहिय़े क्योकि ये पहले प्रधान है जो अपने लिये नही बल्कि हम सब की भलाई के लिए हमसे कुछ मांग रहे है। तो फिर पीएम की अपील पर मै तो लोकल सामान खरीदने का प्रण करता हूं और आप ….