सीडीएस बनते ही रावत सक्रिय – बनायेंगे थिएटर कमांड, जानें क्या है थिएटर कमांड

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31 दिसंबर को पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया गया| नियुक्ति के बाद सबसे पहले उन्हें सेना का थिएटर कमांड बनाने की जिम्मेदारी दी गयी है|

क्या है थिएटर कमांड

थिएटर कमांड युद्धकाल में दुश्मन पर अचूक वार के लिए सेनाओं के सभी अंगों के बीच बेहतरीन तालमेल का सिस्टम है। युद्ध की रणनीतियों में वैश्विक स्तर पर आ रहे बदलावों के मद्देनजर भारत के लिए भी थिएटर कमांड जरूरी हो गया है। यही वजह है कि आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को एकीकृत कर थिएटर कमांड बनाने की बात हो रही है।

थिएटर कमांड के बारे में बात करते हुए देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने कहा, “थिएटर कमांड बनाने के कई तरीके हैं लेकिन भारत थिएटर कमांड बनाने के लिए पश्चिमी देशों की नकल करने के बजाय अपनी तरह से प्रक्रिया तय करेगा।

सीडीएस रावत ने फ़िलहाल तो थिएटर कमांड बारे में विस्‍तृत ब्‍योरा नहीं दिया, लेकिन सूत्रों के अनुसार सरकार की तरफ से उन्‍हें अगले चार से पांच साल के अंदर थिएटर कमांड बनाने की पहल करने, सिद्धांत बनाने और पूरा रोडमैप तैयार करने की जिम्‍मेदारी दी गई है।

क्यों जरुरी है थिएटर कमांड

बता दें कि अभी देश में करीब 15 लाख सशक्त सैन्य बल है| इन्हें संगठित और एकजुट करने के लिए थिएटर कमांड की जरूरत है| एकसाथ कमांड लाने पर सैन्य बलों के आधुनिकीकरण का खर्च कम हो जाएगा, तथा किसी भी आधुनिक तकनीक का प्रयोग सिर्फ एक ही सेना नहीं करेगी बल्कि उस कमांड के अंदर आने वाले सभी सैन्य बलों को उसका लाभ मिलेगा|

indian_army
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दूसरा कारण ये भी है कि पडोसी देश चीन की सेनायें थिएटर कमांड के तौर पर संगठित है| चीन के पास अभी पांच थिएटर कमांड्स हैं, जिनमें से पश्चिमी थिएटर कमांड के जरिए चीन भारत के सीमा पर निगरानी रखता है|

सेना के पास हैं 17 सिंगल सर्विस कमांड और एक थिएटर कमांड

वर्तमान में भारतीय सेना की 17 सिंगल सर्विस कमांड काम कर रही हैं, और देश का एकलौता थिएटर कमांड अंडमान और निकोबार कमांड है जिसकी स्थापना अक्टूबर 2001 में की गई थी।

सीडीएस के रूप में नई जिम्‍मेदारी संभालते हुए रावत ने कहा था कि उनका काम आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के बीच समन्वय स्थापित करना है। ये तीनों ही फोर्स टीम वर्क के तहत काम करेंगी और उस पर नजर रखने का काम सीडीएस करेगा। उन्होंने कहा कि हमें तीनों सेनाओं के जोड़ को तीन नहीं बल्कि पांच या सात बनाना है। उन्होंने कहा कि हमारा फोकस सेनाओं के संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और साझा सैन्य अभ्यास पर रहेगा।


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