सीबीएसई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और योगा को नए विषय में करेगा शामिल

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE Board) ने 2019-2020 सत्र के लिए अपने पाठ्यक्रम में अहम बदलाव किए हैं| छात्रों की प्रारंभिक शिक्षा में खेल कूद के साथ ही अब योग को भी जोड़ दिया गया है| छात्रों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल शिक्षा(ईसीईसी) CBSE 2019-2020 सत्र में योग को नए विषय के तौर पर शामिल किया गया है|

CBSE

CBSE Board ने नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को वैकल्पिक विषय के तौर पर जोड़ा गया है| CBSE Board के अधिकारी ने नए सत्र में हुए बदलावों की जानकारी देते हुए कहा कि, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव करते हुए व  नयी पीढ़ी को और अधिक संवेदनशील बनाने के लिए बोर्ड की तरफ से ये फैसला लिया गया है|

Yoga_In_CBSE_Schools

प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल शिक्षा में योग को नए विषय के रूप में शामिल किया गया है| नर्सरी और केजी के बच्चों को शुरू से ही योग करना, उनके मन और शरीर को चुस्त रखता है| नौवीं कक्षा में हुए बदलाव को लेकर उन्होंने कहा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को वैकल्पिक छठे विषय के तौर पर शामिल किया गया है|

शिक्षण में बहुविषयक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को संवेदनशील बनाने के लिए यह फैसला किया गया की स्कूल कक्षा आठवीं में 12 घंटे का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंस्पायर मोड्यूल शुरू कर सकते हैं|

उन्होंने बताया की योग और प्रारंभिका बाल्यावस्था देखभाल शिक्षा(ईसीईसी) को सीनियर सेकेंडरी स्तर पर विषयों के रूप में पेश किया जाएगा| बता दें की योग प्रोफेशनल की बढ़ती मांग को देखते हुए योग को नए विषय में शामिल किया जा रहा है| योग हेल्दी माइंड और हेल्दी बॉडी के लिए बहुत ही जरुरी है|

हाल ही में कुछ महिनों पहले की बात है जब योगी सरकार ने इस बात को अपने राज्य उत्तरप्रदेश में लागू किया था| इस एलान में योगी सरकार ने माध्यमिक स्कूलों में योग के एक विषय को अनिवार्य किया था| शुरू हुए इस नए सेशन में नवीं से बारहवीं तक के तक़रीबन 50 हज़ार स्कूलों में पढने वाले सवा करोड़ स्टूडेंट्स को अब न सिर्फ योग की पढाई करनी होती है बल्कि बकायडा 20 नवंबर को इसका इम्तहान भी लिया गया था| यूपी बोर्ड ने का पाठ्यक्रम तैयार करने और टीचर को ट्रेनिंग देने की जिम्मेवारी बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि योग पीठ को सोंपा था| और यही नही ख़ास बात ये है की बाबा रामदेव ,की संस्था इसके लिए कोई भी फीस नही लेती है|

इसके अलावा प्रारंभिका बाल्यावस्था की पढाई का महत्व इसलिए है क्यूंकि इससे नर्सरी और केजी के बच्चे को आगे के लिए तैयार किया जाता है|