कौड़ी के भाव बिक रही थी गोभी, नए कृषि कानून का असर, 10 गुना अधिक मिला दाम

बिहार के समस्तीपुर जिले में अपनी गोभी की फसल का मनमाफिक दाम ना मिलने के कारण खेत में हल चलाकर फसल उजाड़ने वाले किसान को अब गोभी के 10 गुना दाम मिल गए हैैं। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की पहल के बाद किसान की समस्या का समाधान हुआ है। रविशंकर प्रसाद ने कहा ये नए कृषि कानून के चलते संभव हो पाया है।

क्या है पूरा मामला
किसान आंदोलन के बीच समस्तीपुर के मक्तापुर गांव के किसान की कहानी सोशल मीडिया चर्चा का विषय बनी हुई थी। ओम प्रकाश यादव नाम के इस किसान का कहना था कि उसे गोभी की फसल का कौड़ी के बराबर भाव मिल रहा है। उसकी गोभी सिर्फ एक रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। ऐसे में गोभी काट कर बेचने से ज्यादा बेहतर है उसे खेत में ही नष्ट कर देना। किसान ने गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया था।

10 गुना मिला दाम
रविशंकर प्रसाद ने बताया है कि खबर पढ़ने के बाद उन्होंने अपने विभाग के कॉमन सर्विस सेंटर को निर्देश दिया कि वे किसान से संपर्क करें और उनकी फसल को देश के दूसरे राज्य में सही दाम पर बेचने का बंदोबस्त करें। सरकार ने कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए डिजिटिल प्लेटफार्म बना रखा है। इसी प्लेटफार्म पर दिल्ली के एक खरीददार ने किसान की गोभी 10 रुपये प्रति किलो खरीदने का प्रस्तान दिया।

किसान ओम प्रकाश यादव ने 10 रुपये किलो के हिसाब से अपनी गोभी बेचने पर सहमति जताई। रविशंकर प्रसाद ने बताया कि किसान और खरीदार की आपसी सहमति के बाद कुछ ही घंटों में किसान के बैंक खाते में आधी राशि एडवांस के रूप में पहुंंच गई। उन्हें पता चला है कि खरीददार न सिर्फ ट्रांसपोर्ट उपलब्ध करवाया गया बल्कि बची हुई राशि भी किसान के बैंक खाते में जमा कर दी है। समस्तीपुर के मुक्तापुर गांव से गोभी दिल्ली के लिए रवाना हो गई है।

नए कानून से मिला किसान को फायदा
रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि नए कृषि कानून का फायदा किसान को मिला है। केंद्र सरकार ने नए कृषि कानून के जरिए किसान को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आजादी दे दी है। उन्होंने कहा बिहार के एक किसान स्थानीय मंडी में मिल रहे दाम से निराश होकर अपनी फसल बर्बाद करने पर मजबूर हो गया था, लेकिन नए कृषि कानून की मदद से किसान अपनी गोभी को दस गुना दाम पर दिल्ली में बेच पाया है।

Originally Published At-NavbharatTimes