स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट, भाभा कवच, एके-47 और स्टील बुलेट को भी रोकने में सक्षम

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

bulletproof jacket, Bhabha Kavach

सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स, हर मुश्किल हालात में अपने देश की सुरक्षा करने को दृढसंकल्प है| चाहे कैसे भी मुश्किल हालात हों, ये दुश्मनों की घातक गोलियों का सामना करते हैं| ऐसे समय में जब देश की सेना आतंकियों के खिलाफ अपने मिशन को अंजाम दे रही है, तब सीमा पर दुश्मनों की नापाक हरकतें बढ़ जाती है| IndiaFirst ने पाठकों को पहले भी बताया है कि आतंकी संगठन स्टील बुलेट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनसे सुरक्षाबलों की जान को ख़तरा हो रहा है| इसलिए अपनी सुरक्षा तकनीक को और भी मजबूत करने के लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स ने मंत्रालय से ज्यादा सुरक्षा देने वाले बुलेटप्रूफ जैकेट्स की मांग की थी जिसके लिए सरकार ने तुरंत आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड से बात की|

बीते हफ्ते हुए इंटरनेशनल पुलिस एक्सपो 2019 में आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम मिश्र धातु निगम लिमिटेड (मिधानी) द्वारा समिल्लित तौर पर तैयार किये गए देश के सबसे हलके बुलेटप्रूफ जैकेट को लांच किया गया| इस सबसे हलके बुलेटप्रूफ जैकेट को “भाभा कवच” नाम दिया गया है| जानकारों का कहना है कि ये अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ जैकेट एके-47 रायफल, 5.56 इंसास, एसएलआर, तथा 7.62 एमएम की रायफल से दागी गयी गोली को झेलने में पूरी तरह से सक्षम है|

लांच से पहले भाभा कवच के सभी ट्रायल्स गुजरात के फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी में किये जा चुके है और ये बुलेटप्रूफ जैकेट अपने हर ट्रायल में सफल भी हुई है| सूत्रों के मुताबिक आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड को मंत्रालय से निर्देश मिले थे कि ऐसा बुलेटप्रूफ जैकेट तैयार किया जाये जिसका वजन 9.5 किलोग्राम से कम हो| इस निर्देश को ध्यान में रखते हुए भाभा कवच तैयार किया गया है, जिसका वजन अनुमानित वजन से 300 ग्राम कम यानि 9.2 किलोग्राम है|

आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के अधिकारीयों के मुताबिक इस जैकेट को भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर के नैनो तकनीक से तैयार किया गया है| इस जैकेट की वारंटी पांच साल के लिए होगी|

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था की सरकार 639 करोड़ की लागत से 2020 तक कुल 1.86 लाख जैकेट खरीदेगी, जिसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया जा चूका है| रक्षा मंत्रालय का कहना है की सैन्यबलों के लिए खरीदे जाने वाले जैकेट्स की खूबियों से और उसके क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जायेगा|

भारतीय सुरक्षाबल नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों तथा पूर्वोत्तर में उग्रवाद का सामना लगातार कर रहे हैं| साथ ही उन्हें कश्मीर में आतंकियों से भी देश की सुरक्षा करनी है| ऐसे में उनकी बढती चुनौतियों में ये जैकेट उनका पूरा साथ निभाने में और दुश्मन की घातक गोलियों से उनकी रक्षा करने में काफी कारगर सबित हो सकता है|

 


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •