पीएम मोदी का आह्वान, इस बार स्वदेशी सामान के साथ मनायें त्योहार

त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है, कोरोना के बीच लोग घरो से बाहर खरीदारी भी करने के लिये निकलने लगे है। जिससे देश की इकोनॉमी फिर से रफ्तार पकड़ने लगी है। लेकिन इस रफ्तार को और तेज करने के लिये हमे ये प्रण लेना होगा कि हम इसबार सिर्फ स्वदेश में बने सामानों की खरीदारी करेंगे। कुछ यही आग्रह पीएम मोदी भी देश की जनता से कर रहे हैं।

मन की बात में स्वदेशी को बढ़ने की बात

‘मन की बात’ से देश की जनता से पीएम मोदी ने एक बार फिर से स्वदेश में बने सामान को खरीदने का आग्रह किया है। पीएम मोदी ने बोला देश में त्योहार का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में अगर हम इस बार देश में निर्मित सामान को खरीदते है तो देश का ज्यादा फायदा होगा। क्योकि कोरोना के चलते जो कल कारखानों की स्पीड धीमी हुई है वो इससे तेज हो जायेगी। ये पहला मौका नही है जब पीएम ने स्वदेशी सामानों की खरीद पर बल दिया है पीएम अच्छी तरह से जानते है कि कोरोना काल में अगर देश में निर्मित सामान की मांग बढ़ेगी तो आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी जीत मिलेगी। इसीलिये पीएम मोदी ने जहां राहत पैकेज के जरिये छोटे करोबारियों को मजबूत करने की कोशिश की तो दूसरे तरफ सरकारी कर्मचारियों को बोनस और कई सौगाते देकर सामान खरीदने के लिये प्रेरित भी किया है यानी की डिमांड और सप्लाई की चैन को मजबूत बनाने के लिये पीएम की सोच एक कदम आगे ही चल रही है और वो इस त्योहारी सीजन का पूरा फायदा उठाना चाहते है इसीलिये वो देश वासियों से स्वदेश में बनी समान खरीदने पर जोर दे रहे है।

वोकल फॉर लोकल की ओर बढ़ता रुझान

एक तरफ पीएम वोकल फॉर लोकल पर बल दे रहे है तो देश में पहली बार देखा जा रहा है कि स्वदेशी सामान खरीदने को लेकर लोगो का रूझान भी बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण रक्षाबंधन के वक्त देखा गया जब चीन को इस एक त्योहार के जरिये देशवासियों ने सीधे सीधे 4 हजार करोड़ रूपये की चपत लगाई। कुछ ऐसी ही चपत लगाने की तैयारी इस त्योहारी सीजन में भी लगाने की तैयारी हो गई है। कयास लगाया जा रहा है कि इसबार करीब 40 हजार करोड़ की चपत लगाने की तैयारी चल रही है। चीन से बना हुआ माल इस बार कारोबारी पहले ही बहिष्कार कर रहे है जिसका असर है कि बाजार में देश का बना सामान ज्यादा बिकते हुए देखा जा रहा है। ऐसे में ये कहा जाये कि स्वदेशी का सपना अप सच हो रहा है तो गलत न होगा।

गांधी जी के एक सपने स्वच्छ भारत को साकार करके अब गांधी जी के दूसरे सपने स्वदेशी को साकार करने में मोदी जी जुट गये है और ये तो सभी जानते है कि अगर मोदी जी कुछ तय कर लेते है तो बिना पूरा किया रहते नही। इस विश्वास को कायम रखने के लिये हम सब मोदी जी के साथ खड़े रहेंगे और इस बार स्वदेशी सामान के जरिये ही शुभ दिवाली मनायेंगे।