उन राज्यों में हिंसा क्यों नहीं, जहाँ बीजेपी सत्ता में नहीं – विपक्ष की मंशा पर गृह मंत्री ने उठाये सवाल

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भारतीय जनता पार्टी के द्वारा नए नागरिकता कानून के बारे में लोगों को समझाने के लिए देशव्यापी अभियान के शुरुआत की चर्चा करते हुए भाजपा अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि नागरिकता सुधार अधिनियम (CAA) के विरोध में प्रदर्शन राजनीतिक रूप से प्रेरित थे|

कांग्रेस से सीधा सवाल पूछते हुए गृह मंत्री अमित शाह में कहा कि जिन राज्यों में विपक्षी दल की सरकार है वहां हिंसा क्यों नहीं हुई? मुख्यतः हिंसा बीजेपी शासित प्रदेशों में ही क्यों हुई?

शाह ने कहा, “आज मैं यह आरोप सार्वजनिक रूप से लगा रहा हूं कि CAA का विरोध राजनीति से प्रेरित था, जो इस तथ्य को स्पष्ट करता है कि कोई भी हिंसा उन राज्यों में नहीं हुई जहां भाजपा सत्ता में नहीं है। यह विरोध के पीछे की मंशा को स्पष्ट करता है। विपक्षी दलों, मुख्य रूप से कांग्रेस, को यह बताना चाहिए कि विरोध केवल भाजपा शासित राज्यों में हिंसक क्यों थे?” इस दौरान ने शाह ने आगे कहा कि हिंसक विरोध प्रदर्शन चुनिंदा तरीके से हुए। देश के लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि हिंसा के पीछे कौन लोग हैं|

हिंसा के खिलाफ पुलिस कारर्वाई को उचित ठहराया

शाह ने एक बार फिर हिंसा में लिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि, “यदि बसें जलाई जा रही हैं और आगजनी हो रही है तो पुलिस बेकार नहीं बैठ सकती। जो लोग सवाल पूछ रहे हैं वे ज़रा एक दिन पुलिस की वर्दी पहन कर खड़े हो जाएँ| कोई ये नहीं पूछता कि बस क्यों जलाई गई? गाड़ियाँ क्यों जलाई गईं? लोगों को उतार-उतार कर बसें जलाई गईं| जब लोग हिंसा करेंगे तो पुलिस गोली चलाएगी ही|”

NRC, CAA और NPR का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग इसे लेकर भ्रम में हैं और समझना चाहते हैं, उनके लिए उनके घर के दरवाज़े हमेशा खुले हैं| उन्होंने कहा कि ऐसे लोग चाहें तो आधी रात को तीन बजे भी आकर उनसे मिल सकते हैं|


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