2024 तक वर्ल्ड GDP में अमेरिका से ज्यादा होगा भारत का योगदान

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By 2024, India's contribution to world GDP will be more than America

ग्लोबल स्लोडाउन के कारण दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश भी परेशान हैं। आईएमएफ की रिपोर्ट में भी साफ कहा जा चुका है कि दुनिया के 90 फीसदी देशों की विकास दर कम ही रहेगी। भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर दिखने लगा है। खास बात तो ये है कि आने वाले पांच सालों में भारत की स्थिति ग्लोबल जीडीपी में अमरीका से भी बेहतर होने का अनुमान जताया गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में ग्लोबल जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी अमरीका से ज्यादा हो जाएगी। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर ब्लूमगर्ब की रिपोर्ट में क्या कहा गया है…

इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में चीन का योगदान 2018 के 32.70 फीसदी के मुकाबले गिरकर 28.30 फीसदी पर पहुंच जाएगा, जबकि ग्लोबल जीडीपी ग्रोथ रेट घटकर 3 फीसदी पर पहुंचने का अनुमान जताया गया है। पांच साल बाद भारत का योगदान करीब 15.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि अमेरिका का योगदान 13.8 फीसदी (2018-19) से घटकर 9.2 फीसदी पर पहुंच जाएगा।

इंडोनेशिया चौथे स्थान पर रहेगा क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था के 2024 में 3.7% विकास हिस्सेदारी होने की उम्मीद है, जो 2019 में 3.9% से थोड़ा कम है।

रूस के विश्व जीडीपी की वृद्धि के कारण अगले पांच वर्षों में पांचवे स्थान पर रहने की उम्मीद है, रूस का पांच नंबर योगदानकर्ता के रूप में जापान को विस्थापित करने की संभावना है। 2024 तक जापान नौवें स्थान पर आ जाएगा। ब्राज़ील को नंबर 11 से नंबर 6 तक ले जाने का अनुमान है। जर्मनी के विकास की हिस्सेदारी सूची में 1.6% और 7 वें स्थान पर रहने की उम्मीद है। आईएमएफ ने कहा कि पांच वर्षों में शीर्ष 20 देशों में नए देश तुर्की, मैक्सिको, पाकिस्तान और सऊदी अरब शामिल होंगे, जबकि स्पेन, पोलैंड, कनाडा और वियतनाम पहले 20 से बाहर हो जायेंगे।

भारत की विकास दर में आएगी तेज़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच सालों यानी 2024 तक देश की जीडीपी का आकार 5 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। वो बात अलग है भारत का ग्रोथ रेट इस वित्त वर्ष में घट गया है, लेकिन जानकारों द्वारा अगले वित्त वर्ष से इसमें तेजी की संभावना जताई गई है। जिसके 7 फीसदी से भी आगे जाने के चांस दिखाई दे रहे हैं। आंकड़ों की मानें तो बात वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार अगले वित्त वर्ष से ग्रोथ रेट में तेजी आएगी। 2021 में ग्रोथ रेट 6.9 फीसदी और संभव है कि 2022 में यह 7.2 फीसदी तक पहुंच जाए।

अमेरिका-चाइना ट्रेड वॉर का बुरा असर

इस रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड वॉर का अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। इंटरनेशनल ट्रेड में अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है, जिसका असर अगले पांच सालों तक दिखाई देगा। मौजूदा समय में चीन और अमरीका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर का असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। चीन की बात करें तो तिमाही के नतीजों में चीन की विकास दर 25 साल के निचले स्तर पर आ गई है। वहीं अमरीका में राष्ट्रपति के चुनाव ऐसे समय पर होने जा रहे हैं जब दुनिया में मंदी अपने चरम पर होगी।

 


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