छिटपुट हिंसा के बीच बंगाल में बम्पर वोटिंग

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लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवे चरण के चुनाव के तहत आज पश्चिम बंगाल के सात लोकसभा सीटों, हावड़ा सदर, उलबेड़िया, हुगली, आरामबाग , श्रीरामपुर, बैरकपुर और बनगांव में चुनाव संपन्न हुए| बंगाल में पांच बजे तक रिकॉर्ड 73.97 फीसद मतदान हुआ है। हालाँकि चुनाव के बिच में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से छिटपुट हिंसा की खबरे भी आई लेकिन चौंकाने वाली बात यह है की दोपहर एक बजे तक ही हावरा,आरामबाग,श्रीरामपुर जैसे लोकसभा सीटों पर मतदान का आंकड़ा 50 फीसदी को पार कर गया था|

हावड़ा से मौजूदा टीएमसी सांसद प्रसून बनर्जी व सुरक्षा बलों के बीच हाथापाई

न्यूज एजेंसी एएनआई ने ट्वीट कर एक वीडियो जारी किया है| जिस वीडियो में हावड़ा से मौजूदा सांसद प्रसून बनर्जी और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच धक्का-मुक्की होती नजर आ रही है| जबकि, बालितिकुरी में तृणमूल उम्मीदवार प्रसून बनर्जी को कथित रूप से केंद्रीय बलों ने उस समय ‘‘पीटा’’ जब उन्होंने मतदान केंद्र के पोलिंग बूथ नंबर 49 और 50 में घुसने की कोशिश की| प्रसून बनर्जी ने बताया कि इस बाबत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है|

बंगाल में पांचवे चरण के तहत सातों सीटो पर हुए संपन्न हुए लोकसभा चुनावो को लेकर एक अधिकारी ने बताया कि सात निर्वाचन क्षेत्रों में से बनगांव (एससी), हुगली, हावड़ा और बैरकपुर सीटों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं दर्ज की गईं| राज्य में अन्य तीन सीटें उलुबेरिया, आरामबाग (एससी) और श्रीरामपुर हैं| अधिकारी ने कहा, ‘‘अभी तक मतदान अच्छा रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुई हैं| हमने इन स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार तत्काल कदम उठाए हैं|’’

अधिकारी ने आगे बताया कि बैरकपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी अर्जुन सिंह और केंद्रीय बलों के बीच धक्का-मुक्की हो गई जब सिंह ने इन आरोपों के बाद एक मतदान केंद्र में घुसने का प्रयास किया कि मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया जा रहा है|

हालाँकि भाजपा प्रत्याशी अर्जुन सिंह ने इस सन्दर्भ में ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हमारे एजेंटों को बूथ के अंदर नहीं जाने दिया गया| लोगों को सही से वोट नहीं डालने दिया जा रहा और मैं यह देखने गया था| मुझे बूथ में जाने का हक है लेकिन पुलिस ने मुझे रोक लिया और मारपीट की|’’ भाजपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि पुलिस बैरकपुर के कुछ बूथों पर गड़बड़ी रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही| उन्होंने मतदान रोककर फिर से वोट डलवाने का आदेश देने की मांग की|

इसके अलावा आरामबाग में एक मतदान केंद्र में एक माकपा एजेंट को पीटने और केंद्र से बाहर निकालने की खबर फैली| जबकि, तारकेश्वर में मतदान केंद्र पर कथित रूप से तृणमूल के एक नेता को वहां मौजूद अन्य लोगों की ओर से मतदान करते देखे जाने के बाद एक पीठासीन अधिकारी को हटा दिया गया|