ब्रिक्स देशों ने की आयुष्मान भारत योजना की तारीफ

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BRICSब्रिक्स देशों की सुशासन संगोष्ठी का आयोजन 28 अक्टूबर को ब्राजील के रियो डी जनेरियो में हुआ। ब्रिक्स देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के नौवें सम्मेलन में भाग लेकर वापस लौटे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देश मिलकर सस्ती, किफायती एवं गुणात्मक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मिलकर काम करेगें। कैशलेस इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना एवं मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण के उद्देश्यों को चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस तारीफ कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे पत्रकारों को संबोधित करते हुए

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में पांच मुद्दों पर सदस्य देशों ने चर्चा की और भारत में सस्ती एवं गुणवत्ता वाली दवाओं की जमकर सदस्य देशों ने चर्चा की। भारत ब्राजील को 12 फीसदी दवाइयां एक्सपोर्ट करता है। भारत में बनी दवाइयां के प्रति पूरी दुनिया में विश्वसनीयता बढ़ रही है। चौबे ने कहा कि ब्राजील में बड़े पैमाने पर मानव दूध बैंक स्थापित किए गए हैं। भारत में भी इसे लेकर पहल की गई है। फोकस स्तनपान पर है और इसे 2025 तक 70 फ़ीसदी से ऊपर ले जाना है। नवजात मृत्यु (एक महीने के अंदर) दर प्रति 1000 पर 23 से घटाकर 12 पर लाना है।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों ने मिलकर यूनिवर्सल हेल्थ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की हैं और जहां पूरी दुनिया ने 2030 में टीबी मुक्त होने का संकल्प लिया है, वहीं भारत 2025 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहा है। ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों ने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक साथ काम करने का संकल्प लिया है ताकि पूरी दुनिया से लक्ष्य से पहले टीबी को खत्म किया जा सके। श्री चौबे ने बताया कि सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि ब्रिक्स देश सस्ती, गुणवत्ता वाली दवाइयों के लिए एक दूसरे सदस्य देशों के साथ ड्रग रेगुलेटर के बीच समझौता करेंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों ने मिलकर यूनिवर्सल हेल्थ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की हैं और जहां पूरी दुनिया ने 2030 में टीबी मुक्त होने का संकल्प लिया है, वहीं भारत 2025 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ रहा है। ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों ने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक साथ काम करने का संकल्प लिया है ताकि पूरी दुनिया से लक्ष्य से पहले टीबी को खत्म किया जा सके। श्री चौबे ने बताया कि सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि ब्रिक्स देश सस्ती, गुणवत्ता वाली दवाइयों के लिए एक दूसरे सदस्य देशों के साथ ड्रग रेगुलेटर के बीच समझौता करेंगे।

अगला ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों का सम्मेलन रूस में होगा।

 


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