नये भारत में किसान और श्रमिक दोनो का होगा विकास 

एक तरफ वो लोग है जो कृषि बिल 2020 और श्रमिक बिल को लेकर सिर्फ देश को गुमराह करके सियासी रोटी बनाने में लगे है तो दूसरी तरफ पीएम मोदी है जो देश की जनता को ज्यादा से ज्यादा अधिकार देने में लगे है। दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर पीएम ने देशवासियों से बात करते हुए कुछ ऐसा ही बताने की कोशिश की।

किसानों, श्रमिकों का पहल कभी सुध नहीं ली गई

पीएम मोदी ने साफ किया कि उनकी सरकार देश के किसानों, श्रमिकों और महिलाओं को सम्मान दिलाने में लगातार लगी है तभी उनके लिए नये कानून बनाये जा रहे है। सरकार की कोशिश यही है कि आम लोगों के जीवन में सरकारी दखल को कम किया जाये जिससे देश की जनता का जीवन सरल हो सके। पीएम मोदी ने किसानों से फिर अपील की है कि वो बहकावे में न आये। किसान बिल से किसान के जीवन में बहुत बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। वही नये श्रमिक कानून से छोटे-छोटे स्वरोजगार से जुड़े साथियों का हित होगा जिसकी सुध कभी नहीं ली गई। रेहड़ी, पटरी, फेरी पर काम करने वाले लाखों साथी जो आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, उनके लिए भी पहली बार एक विशेष योजना बनाई गई है। किसानों, खेत मजदूरों, छोटे दुकानदारों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन और बीमा से जुड़ी योजनाएं हमारी सरकार ने पहले ही आरंभ कर दिया है अब नए प्रावधानों से सामाजिक सुरक्षा का ये कवच और मजबूत होगा।

नये श्रमिक कानूनों से महिलाओं को मिलेगी ताकत

देश में सब आत्मनिर्भर बने यही सोच तो दीनदयाल जी की भी थी जिसपर आज काम किया जा रहा है। इसी ध्येय के साथ SC/ST वर्ग के साथियों के लिए जो आरक्षण का प्रावधान है, उसको हमारी सरकार ने पार्लियामेंट में अगले 10 वर्ष के लिए बढ़ाया गया है। जो पहले के श्रमिक कानून थे, वो देश की आधी आबादी, हमारी महिला श्रमशक्ति के लिए काफी नहीं थे। अब इन नए कानूनों से हमारी बहनों को, बेटियों को समान मानदेय दिया गया है,  उनकी ज्यादा भागीदारी को सुनिश्चित किया गया है। किसानों की तरह ही हमारे यहां दशकों तक देश के श्रमिकों को भी कानून के जाल में उलझाकर रखा गया है। जब-जब श्रमिकों ने आवाज़ उठाई, तब-तब उनको कागज पर एक कानून दे दिया गया लेकिन अब ऐसा नही है। नये श्रमिक कानून के जरिये श्रमिकों को ज्यादा शक्ति दी गई है। जिससे वे आत्मनिर्भर बन सके।

पीएम मोदी ने जितनी सरलता से दोनो बिलो के हित जनता को गिनाये है उससे अब नही लगता कि किसी को भ्रम होगा कि ये बिल देश के हित में नही है। इसके बावजूद भी अगर कोई अब भी देश में लोगों को बहका कर सिर्फ देश में महौल खराब करना चाहता हो, तो जनता को ही उसे जवाब देना चाहिए ताकी वो आने वाले दिनो में देश का महौल खराब न कर सके।