राज्यसभा में बीजेपी ने रचा इतिहास, 1988 के बाद 100 सदस्य वाली पार्टी बनी 

संसद में कभी 2 सीट पाने वाली मोदी जी की पार्टी ने आज लोकसभा हो या फिर राज्यसभा दोनो जगह इतिहास रच दिया है। राज्य सभा में पहली बार बीजेपी ने सदस्यता में 100 से ज्यादा का आंकड़ा पार कर लिया है। ये उपलब्धि हासिल करने वाली बीजेपी 1988 के बाद पहली पार्टी बन गई है। संसद के उच्च सदन के चुनाव के हालिया दौर के बाद, बीजेपी के राज्य सभा सांसदों की संख्या अब 101 हो गई है तो लोकसभा में भी वो सबसे बढ़ी पार्टी है।

 

राज्य सभा में 100 के पार पहुंची बीजेपी

राज्य सभा में बीजेपी के 100 का आंकड़ा पार करने के साथ ही विपक्ष को इस साल अगस्त में होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर कर दिया गया है। असम की दो राज्य सभा सीटों और त्रिपुरा की एक सीट के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था। बीजेपी उम्मीदवार और उनकी महिला शाखा के राज्य अध्यक्ष एस फांगनोन कोन्याक को नागालैंड की एकमात्र राज्य सभा सीट के लिए निर्विरोध चुना गया, जिससे वो संसद के उच्च सदन में सीट पाने वाली राज्य की पहली महिला बन गईं और अगर देखा जाये तो जिस तरह से मोदी सरकार के कामकाज से आज देश में एक सकरात्मक माहौल बनाया है ये उसका ही हिस्सा है। सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक सीधा पहुंच रहा है। ये इस बात की भी पुष्टी करता है।

कैसे-कैसे बढ़ी बीजेपी

राज्यसभा में कांग्रेस के बाद सबसे बड़ा विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस है जिसके 13 सांसद हैं। उसके बाद डीएमके 10 सांसदों के साथ तीसरे जबकि बीजू जनता दल (बीजेडी) नौ सीटों के साथ तीसरे नंबर पर है। सीपीआई-एम, टीआरएस, वाईएसआरसीपी के छह-छह सदस्य हैं। 1952 में कांग्रेस के 146 जबकि बीजेपी के मात्र एक राज्यसभा सांसद थे। फिर 1962-64 के दौरान कांग्रेस के 162 जबकि बीजेपी के 4, 1972-74 में कांग्रेस के 128 जबकि बीजेपी के 14, -84 के दौरान कांग्रेस के 152 जबकि बीजेपी के 8, 1988-90 में कांग्रेस 108 जबकि बीजेपी के 17, 1990-92 में कांग्रेस के 99 और बीजेपी के 45, 2012-13 में कांग्रेस को 72 जबकि बीजेपी के 47 और अब 2022 में कांग्रेस के 29 जबकि बीजेपी के 100 सासंद हो गए हैं।

इतना ही नहीं कुछ दिन पहले ही 5 राज्यों में हुए चुनाव में भी बीजेपी ने अपना बोलबाला रहा और वो 4 राज्यों में सरकार बनाने में कामयाब रही। इससे तो यही लगता है कि आने वाले दिनों होने वाले चुनाव में भी बीजेपी को हराना दूसरी पार्टियों के लिए मुसकिल होगा।