जन्मदिन विशेष: आजाद भारत में पैदा हुए मोदी आज जन जन के नायक हैं

साल 1950 आजाद भारत के तीन साल पूरे हो चुके थे लेकिन किसी को क्या मालूम था कि 1950 में एक ऐसी शख्सियत का जन्म हुआ है जो खुद तो गुरबत में जीकर बड़ा हुआ, लेकिन उसके सपने देश को गुरबत से बाहर निकालने के उस वक्त ही देख लिये थे। जी हां, हम बात कर रहे है पीएम मोदी की जिनका जन्म आज है जिन्होने अंधकार में डूबे भारत के भविष्य को ना केवल संवारा बल्कि हर भारतीय के भीतर एक जोश भर यह विश्वास जगाया कि वो दुनिया में सबसे बेहतर है, जिसके चलते आज भारत विश्व में नये नये रिकार्ड बना रहा और ये हो रहा है तो पीएम मोदी के चलते इसमें कोई भी शक नहीं कर सकता है। ऐसा वो क्यो कर पाते है चलिये हम आपको बताते है।

लीक से हटकर फैसला लेने के चलते

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी किताब में साफ तौर पर लिखा था कि पीएम मोदी ऐक्शन लेने वाले वक्ति है और उन्हे ऐक्शन लेने में मजा आता है, खासकर ऐसे फैसले लेने में जो लीक से हटकर होते है और नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, जीएसटी या फिर अपने सीएम बदलने की बात हो हमेसा वो ऐसे फैसले करते है जिससे देश सहित दुनिया भी चौक जाती है और उनका यही अंदाज उनको दूसरे नेताओं से अलग बनाती है और शक्तिशाली भी।

जनता से सीधे जुड़ाव

नरेंद्र मोदी लगभग करीब 20 साल से अधिक से सत्ता में है लेकिन इसके बाद भी जनता के साथ उनका जुड़ाव बहुत ज्यादा है। पीएम रहते हुए भी आज वो आम जन से जुड़े रहते है फिर वो ‘मन की बात’ के जरिये हो या फिर सीधे जनता से बात करके। इतना ही नही अगर देश का कोई नागरिक उनसे ट्वीट के जरिये संपर्क साधता है तो वो इसका जवाब देते है तो उसके सुख दुख में खड़े भी रहते है। इसके साथ साथ जनता अगर पीएम से कोई डिमांड रखती है तो उसे भी पूरा करते है और इसी लिये आजादी के बाद आज पीएम मोदी सबसे ज्यादा लोकप्रिय और जननायक के तौर पर देखे जाते है।

कुशल नेतृत्व की क्षमता

सत्ता में रहकर काम कैसे किया जाता है ये बात अगर किसी से सिखनी चाहिये तो वो पीएम मोदी जी हैं। योजना को बनाने से लेकर योजना के पूरा होने तक जिस तरह से पीएम मोदी नजर रखते है वो उनकी कुशल नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। इतना नहीं सियासी अखाड़े में भी मोदी के दांवपेच उनकी नेतृत्व की क्षमता को दिखाता है। उदाहरण के तौर पर राममंदिर आंदोलन हो या फिर तिरंगा यात्रा दोनो को सफल बनाने में पीएम मोदी का रोल उस दौर में सबसे अहम रहा था। ऐसे में देखकर यही लगता है कि आज पीएम मोदी के आसपास कोई नेता नहीं है।

वैसे पीएम मोदी ऊपर से जरूर बहुत सख्त दिखते हो लेकिन उनका दिल बहुत भावनाओं से भरा हुआ है। इसका उदाहरण तब देखने को मिलता है जब देश में कोई आपदा आती है या देश के लोगों को कोई उससे चोट पहुंचती हो लेकिन आपदा से बाहर भी पीएम मोदी ही देश को निकालने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते है ये विश्वास भी देश की जनता को पूरा पूरा है और यही पीएम मोदी की सबसे बड़ी ख्याति होगी कि देश की जनता को उनपर पूरा विश्वास है।