भारत को नाटो मित्र जैसा दर्जा दिलाने के लिए अमेरिकी सीनेट में पेश हुआ बिल

NATO

दो शीर्ष अमेरिकी सीनेटरों ने अमेरिकी सशस्त्र नियंत्रण निर्यात अधिनियम में बदलाव के लिए एक संशोधन किया है, जिसमें भारत को नाटो सहयोगियों, इज़राइल, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कोरिया के साथ आईटीएआर के तहत सैन्य वस्तुओं की बिक्री के लिए, सैन्य हथियारों की बिक्री के उद्देश्य से लाया गया है।

डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर और रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन द्वारा किया गया द्विदलीय संशोधन गुरुवार को राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (NDAA) 2020 में विदेशी सैन्य बिक्री पर संबंधित वर्गों के लिए एक संशोधन के माध्यम से परिवर्तन लाना चाहता है।

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अगर यह प्रस्ताव पारित हुआ तो भारत को अत्याधुनिक हथियार और संवेदनशील तकनीक देने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके चलते भारत अमेरिका का इजरायल, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया जैसा सहयोगी हो जाएगा। तब भारत अमेरिका से नाटो सहयोगियों जैसे अत्याधुनिक हथियार और संवेदनशील तकनीक प्राप्त कर सकेगा।

बता दें कि रूस के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बदले अमेरिका ने अपना अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम टीएचएएडी (थाड) देने का प्रस्ताव भी भारत के समक्ष रखा है। संभव है कि इसी प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने के लिए अमेरिकी संसद में भारत से सहयोग का दर्जा बढ़ाने की कवायद हो रही हो।

गौरतलब है कि अगले सप्ताह ओसाका (जापान) में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी 20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और अगले ही सप्ताह आपसी सहयोग बढ़ाने पर बात करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो भी भारत के दौरे पर आ रहे हैं।

यह विधेयक अमेरिका-भारत के रक्षा साझेदारी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।