कैबिनेट की मीटिंग में जूट के किसानों के लिए लिया बड़ा फैसला

Big decision taken for jute farmers in cabinet meeting | File Photo

केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। केंद्र सरकार (Central Government) ने बुधवार को जूट इंडस्ट्री के लिए बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने जूट के जरिए सरकार ने सभी अनाजों की 100 फीसदी पैकेजिंग में जूट की बोरियों का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले से पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, आंध्र प्रदेश, मेघालय और त्रिपुरा में रहने वाले किसानों को मदद मिलेगी। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में 5वें वित्त आयोग का कार्यकाल 12 महीने बढ़ाने का निर्णय लिया गया। माना जा रहा है कि इस फैसले से वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने में मदद होगी। हालांकि, ऑटो स्क्रैप पॉलिसी पर फैसला मीटिंग में नहीं हो पाया है।

15th Finance Commission

आपको बता दें कि 15वें वित्त आयोग को अपनी रिपोर्ट 30 नवंबर तक सौंपनी थी। इससे पहले भी सरकार ने इसकी डेडलाइन को बढ़ा दिया था। आयोग को इस साल 30 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट देनी थी। 15 वे वित्त आयोग के गठन के बाद 27 नवम्बर, 2017 को एन.के. सिंह को 15 वें वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। श्री सिंह भारत सरकार के पूर्व सचिव एवं वर्ष 2008-2014 तक बिहार से राज्य सभा के सदस्य भी रह चुके हैं।

इस फैसले से जूट इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। कच्चे जूट की गुणवत्ता एवं उत्पादकता बढ़ेगी, और इसके साथ ही जूट प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ेगी। सरकार की ओर से उठाया गया है यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है। जूट से जुड़े बिजनेस में करीब 3.7 लाख लोग काम करते है। इसके अलावा लाखों किसान परिवार अपनी आजीविका के लिए जूट क्षेत्रों पर ही निर्भर है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार निरंतर ठोस प्रयास करती रही है। सरकार ने हाल ही में प्लास्टिक को फेजवाइज बंद करने का फैसला किया है। इससे भी जूट की डिमांड बढ़ाने में मदद मिलेगी।

jute bories

जूट उद्योग मुख्य रूप से सरकारी क्षेत्र पर ही निर्भर है, जो खाद्यान्न की पैकिंग के लिए हर साल 6500 करोड़ रुपये से भी अधिक कीमत की जूट बोरियां खरीदता है। ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि जूट उद्योग के लिए मुख्य मांग निरंतर बनी रही और इसके साथ ही इस क्षेत्र पर निर्भर कामगारों एवं किसानों की आजीविका में आवश्यक सहयोग देना संभव हो सके।

इसके अलावा केन्द्रीय कैबिनेट ने अपने बैठक में सिक्किम माइनिंग कॉर्पोरेशन के बकाया 4 करोड़ से अधिक के कर्ज़ और ब्याज के पुनर्भुगतान की छूट की मंजूरी दी है। साथ ही साथ कैबिनेट ने त्रिपुरा एयरपोर्ट के लिए सेरीमोनियल लाउंज की जमीन के अलॉटमेंट को मंजूरी दे दी है।