उपलब्धियों भरे साल 2018-19 में कई सितारे खोये भारतीय जनता पार्टी ने

BJP

2018-19 का साल भारतीय जनता पार्टी के लिए अब तक सबसे बढ़ी उपलब्धियों से भरा साल रहा| इसी दौरान पार्टी ने अकेले अपने दम पर सत्रहवीं लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए लोकसभा में 300 सीटों का आंकड़ा पार किया और नरेन्द्रभाई दामोदरदास मोदी दुबारा प्रधानमंत्री के पद पर सुशोभित हुए|

2019 वो साल था जब बीजेपी सरकार ने तीन तलाक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बढ़त हासिल करते हुए संसद में विधेयक पारित करके इसे गैरकानूनी सिद्ध किया| इसी साल 70 सालों से देश के लिए नासूर बनी कश्मीर समस्या का सफलतापूर्वक हल मोदी की सरकार ने निकाला और आर्टिकल 370 और 35A को ख़त्म किया| इसी साल मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपने पडोसी और आतंकवाद के पोषक पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयर-स्ट्राइक किया और अपनी कूटनीति से पाकिस्तान को संपूर्ण विश्व में अलग-थलग कर दिया|

लेकिन एक तरफ तो साल 2018-19 में हासिल की गयी उपलब्धियों से भारतीय जनता पार्टी ने अपने भविष्य की राह सुदृढ़ की, वहीँ दूसरी तरफ विधि के विधान का सामना करते हुए पार्टी ने अपने कई सितारों को भी खोया|

आइये एक नज़र डालते हैं बीजेपी के उन सितारों पर जिन्होंने अपने खून-पसीने से पार्टी को इस ऊँचाई तक पहुँचाया और अपने लक्ष्य को पूरा कर के इस दुनिया से विदा हो गए

भारत रत्न – अटल बिहारी बाजपेयी

पार्टी के संस्थापक, बीजेपी के कोहिनूर, देशवासियों के प्यारे, और विपक्ष के लिए भी अनुकरणीय अटल जी ने 2018 के आखिरी महीने में 16 दिसंबर को अपनी अंतिम सांस ली| तीन पर प्रधानमंत्री बनने वाले अटल जी पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया| अटल जी के प्रधानमंत्रित्व काल में ही दुनियाभर के दबाव को दरकिनार कर के भारत ने पोखरण में दूसरा परमाणु परीक्षण किया और सम्पूर्ण विश्व को बता दिया कि भारत अब बदलाव का देश है जो अब किसी का पिछलग्गू नहीं रहेगा और जो विश्वपटल पर अपनी पहचान अपने दम पर बनाएगा| इसके तुरत बार अगले साल पाकिस्तान की पीठ पर वार करने की नीति के चलते हुए कारगिल युद्ध में भारत ने अटल जी ने नेतृत्व में ही विजय प्राप्त की|

कवि ह्रदय वाले अटल जी देश के सबसे जोरदार वक्ता तो थे ही, साथ ही गठबंधन की राजनीति के भी माहिर थे| लोकसभा में की गयी उनकी भविष्यवाणी, “एक दिन पुरे देश में भगवा ध्वज लहराएगा, उस दिन संख्या भी हमारी होगी, सरकार भी हमारी होगी और सारा जगत देखेगा” 2019 के लोकसभा चुनाव में सच हुई, लेकिन अटल जी वो दिन देखने के लिए इस दुनिया में नहीं रहे| लोकसभा में उनके भाषणों को युगों-युगों तक याद किया जायेगा और भविष्य में राजनीति की असंख्य पीढ़ियों को उनसे प्रेरणा मिलती रहेगी|

मनोहर पर्रिकर

चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे मनोहर पर्रिकर ने लम्बे समय तक कैंसर जैसी बीमारी से जूझते हुए 17 मार्च 2019 को इस दुनिया को विदा कहा| उन्होंने देश के रक्षा मंत्री के पदभार को भी बखूबी संभाला और उन्ही के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक भी किया था| देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान IIT से स्नातक पर्रिकर अपनी सरल जीवनशैली और मिलनसार स्वभाव के लिए सदा-सर्वदा जाने जायेंगे| संगठन की राजनीति में पारंगत पर्रिकर ने बीमारी की हालत में भी पार्टी की विशेष मांग पर गोवा के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला| मनोहर पर्रिकर पार्टी के उन नगीनों में से एक थे जो बार-बार जन्म नहीं लेता| उनका निधन देश और पार्टी दोनों के लिए अपूरणीय क्षति थी|

सुषमा स्वराज

स्वतंत्र भारत की राजनीति में सबसे मुखर और सबसे प्रतिभाशाली महिलाओं में से सुषमा स्वराज जी का आकस्मिक निधन 6 अगस्त 2019 को हुआ| 25 साल की उम्र से राजनीति में सक्रिय सुषमा जी हरियाणा की सबसे कम उम्र की मंत्री रही| बाद में बाजपेयी सरकार में सुचना एवं प्रसारण मंत्रालय एवं मोदी के प्रथम सरकार में विदेश मंत्रालय जैसे अहम् पदों को सँभालने वाली सुषमा स्वराज बीजेपी के नारी सशक्तिकरण की नीति का जीवंत उदाहरण थी|

ट्विटर के माध्यम से दुनिया भर के जरुरतमंदो के लिए हमेशा उपलब्ध रहने वाली सुषमा जी ने विदेश मंत्रालय को एक मानवतापूर्ण पहचान दी| आर्टिकल 370 पर नरेन्द्र मोदी सरकार को बधाई वाले ट्वीट के अगले दिन ही सुषमा जी का स्वर्गवास हुआ| उनके निधन से बीजेपी को हुए नुकसान की भरपाई की जिम्मेवारी अब बीजेपी की अगली महिला पीढ़ी पर है, लेकिन सुषमा स्वराज की निधन के बाद पैदा हुए शुन्य को भरना किसी के लिए भी असंभव होगा|

अरुण जेटली

अटल सरकार में कानून मंत्री और मोदी के प्रथम कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली जी का निधन हाल ही में 24 अगस्त को हुआ| क्रिकेट में अत्यधिक रूचि रखने वाले और दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से देश की राजनीति के शिखर पर विराजमान हुए जेटली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रह चुके थे| आपातकाल के दौरान जेटली जेल भी गए और जयप्रकाश नारायण के आन्दोलन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी|

वित्त मंत्री के तौर पर अरुण जेटली का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा| उनके ही कार्यकाल में देश के सबसे बड़े आर्थिक सुधारों में से एक GST (एक देश, एक कर) प्रणाली लागू हुई| काला धन और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए हुई नोटबंदी भी जेटली जी के वित्त मंत्री रहते ही हुई|

अनंत कुमार

मोदी सरकार में केमिकल और फ़र्टिलाइज़र तथा संसदीय कार्य मंत्री रहे अनंत कुमार बीजेपी के दिग्गज नेताओं में से एक थे| दक्षिण बेंगलुरू से सांसद अनंत कुमार कर्नाटक से जुड़े मुद्दों पर हमेशा मुखर रहते थे और कर्नाटक के विकास में उनका अहम् योगदान है| कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की पकड़ मजबूत करने में अनत कुमार का योगदान महत्वपूर्ण है| लोकसभा का एक भी चुनाव न करने वाले अनंत कुमार ने 12 नवम्बर 2018 को 59 साल की आयु में दुनिया को अलविदा कहा|