कोरोना वायरस के साथ साथ अफवाह के वायरस से भी बचें

कोरोना वायरस से निपटने के लिये सरकार पहले ही दिन से युध्द स्तर पर जुटी है। जिसका परिणाम ये है कि दुनिया में जिस तरह से कोरोना फैला उतनी तेजी से भारत में ये नहीं फैल पा रहा है। लेकिन इस दौरान केंद्रीय सत्ता को अफवाहों से भी निपटने की जरूरत पड़ रही है। 

लॉकडाउन बढ़ाने की अफवाह 

देश में ये अफवाह सबसे ज्यादा उड़ी हुई है कि 14 अप्रैल के बाद भी देश में लॉकडाउन जारी रह सकता है। आप खुद समझ सकते हैं  कि ये अफवाह ऐसी उड़ी हुई है कि खुद सरकार को आगे आकर ये कहना पड़ा की आज के हालात को देखते हुए लॉकडाउन 14 अप्रैल तक ही रहेगा। यह अटकलबाजी एक तरह की शरारत ही है।लेकिन इस शरारत का असर बाजार में खूब देखा जा रहा है। लोग अपने घरों में खाने का सामान स्टॉक करने लगे हैं। जिसका असर आपूर्ति  पर आने वाले दिनों  में दिख सकता है। हालाकि सरकार साफ कर रही है कि लोग कोरी अफवाहों पर ध्यान न दें। 

आपातकाल लगाने को सेना में भर्ती शुरू 

देश में एक और अफवाह इस वक्त तेजी के साथ फैलाई जा रही है। कुछ अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया में या लोगों के बीच ये अफवाह फैलाने में जुटे है, कि कोरोना के चलते देश में आपातकाल लगाया जा सकता है और इसके लिये फौज में भर्ती भी शुरू कर दी गई है। जो सिर्फ एक कोरी बकवास है और इस बकवास में कोई सच्चाई नही है। खुद सेना ने आगे आकर ये साफ कर दिया है, कि देश में ऐसा कुछ नही हो रहा है। 

डॉक्टरों की मौत 

जब देश में एक जुट होकर कोरोना के खिलाफ लड़ना चाहिये, तो कुछ लोग इस मौके पर भी देश के साथ खड़े होने की जगह सिर्फ अफवाह फैलाकर देश की जनता के बीच तनाव पैदा कर रहे हैं। ऐसे लोगों ने उन लोगों को भी नहीं छोड़ा है, जो लगातार कोरोना से मुकाबला कर रहे हैं, एक अफवाह देश में बहुत तेजी से फैलाई गई कि कोरोना वायरस का इलाज कर रहे दिल्ली के डॉक्टर की तुरंत मौत हो गई। जो पूरी तरह से फेक है, इस घटना को लेकर जो विडियो वायरल हो रहा है,वो  दुबई के एक डॉक्टर का है जिसका दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई थी।  

इंटरनेट की बंद होने की खबर 

लॉकडाउन के वक्त ही पीएम मोदी जी ने साफ कर दिया था, कि देश में इंटरनेट सेवा चलती रहेगी और उसे नहीं रोका जायेगा, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग देश में माहौल खराब करने के लिए ये खबर उड़ाने में लगे हैं कि देश में आने वाले वक्त में इंटरनेट बंद कर दिया जायेगा। जो पूरी तरह से गलत बात है। खुद सरकार ने आगे आकर इस बारे में साफ भी कर दिया है कि इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बहाल रहेगी।

हैंड सैनिटाइजर से हाथ में लगी आग

कोरोना से बचने का बस एक इलाज ही बताया जा रहा है, कि घर पर रहें और थोड़ी थोड़ी देर में हाथो को साफ करते रहे। वही सैनिटाइजर भी इस बीमारी से बचाव के लिए खूब इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन इसको लेकर भी एक अफवाह उड़ाई गई, कि सेनिटाइजर से बार बार हाथ धोने के चलते हाथ जलने लगे हैं, जो कोरी बकवास से कुछ कम नही है। 

मतलब साफ है, जब इस बीमारी को मिलकर हमे हराना है, तो कुछ शरारती तत्व इसमें भी शरारत करने में लगे हुए हैं। जिसकी जितनी भी निंदा की जाये वो कम है और अगर आपके आस पास ऐसी कोई खबर आये तो आप पहले इसकी सच्चाई को जाने बिना इस पर  विश्वास  न करें, क्योंकि कठिन दौर में हमारी हिम्मत ही इस बीमारी को हरा सकती है और इसलिये ऐसी बातो से परहेज करके सच को जाने और उसके साथ चलें। जिससे हम कोरोना को हरा कर ये जंग जीत सकें।