लॉकडाउन से हुए फायदे

पूरी दुनिया मे कोरोना वायरस ने हडकंप मचा दिया है | इस से पुरी दुनिया के लोगों को नुकसान भी काफी हुआ है | ऐसे मे हम जब भी इसके बारे मे बाअत करते हैं इसके नकारात्मक पक्ष को ही देखते हैं जो की काफी स्वाभाविक भी है | पर जाने अनजाने मे ही कोरोना की वजह से हमारे आस पास कुछ सकारात्मक बदलाव भी हो रहे हैं | 

रोड ऐक्सिडेंट और इसकी वजह से होने वाली मौतों में गिरावट

लॉकडाउन की वजह से देश में यातायात पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। सड़कों पर जरूरी गाड़ियों के अलावा सभी की आवाजाही बंद हो गई है जिसके बाद रोड ऐक्सिडेंट के मामले पूरी तरह से घट गए हैं। आम दिनों में जहां रोजाना सैकड़ों रोड ऐक्सिडेंट की खबरें आती थीं और इनमें से कइयों की मौत हो जाती थी। गाड़ियों पर ब्रेक लगने के साथ ही इन घटनाओं पर भी ब्रेक लग गया।

अपराध की घटनाएं भी शून्य के करीब हो गई हैं

लॉकडाउन में लोगों का घरों से निकलना बंद हो चुका है। पहले जहां आपको चैन स्नैचिंग, लूटपाट, मारपीट, गैंगवार, रेप और हत्या जैसी तमाम घटनाएं रोजाना सुनने को मिलती थीं, लॉकडाउन के बाद इन घटनाओं में भी भारी कमी आई है। 

डॉक्टर के पास इलाज के लिए पहुंचने वालों की संख्या में कमी

एक आम दिन में आपको गली, चौराहे या शहर के हर डॉक्टर के पास मरीजों की भीड़ दिखती रही होगी, लेकिन लॉकडाउन के बाद इसकी संख्या में भी अप्रत्याशित घटोत्तरी हुई है। दरअसल, लॉकडाउन की वजह से स्ट्रीट फूड, चाट-समोसे की दुकानें बंद हो रखी हैं। घर से बाहर न निकलने की वजह से लोगों का फास्ट फूड, जंक फूड खाना बंद हो गया है। 

गंगा, यमुना व अन्य नदियां प्रदूषण मुक्त हो गई हैं

लॉकडाउन की वजह से फैक्ट्रियां बंद पड़ी है तो उनसे निकलने वाले वेस्टेज भी इस समय नदियों में नहीं जा रहे हैं। लोगों का नदियों के किनारे आना जाना भी बंद है जिसकी वजह प्लास्टिक व अन्य कचरों में भारी कमी आई है। गंगा सफाई के लिए जो काम पीएम मोदी का एक अलग मंत्रालय और हजारों करोड़ का बजट नहीं कर पाया, उसे महज कुछ ही दिनों में लॉकडाउन ने कर दिखाया।

लोगों की बचत बढ़ गई है

लॉकडाउन में जरूरी सामानों की दुकानों को छोड़ दिया जाए तो सबकुछ बंद है। निश्चित तौर पर कई सारे लोगों की आमदनी भी इसी के साथ बंद हो गई है। लेकिन अगर इसको थोड़ी देर के लिए किनारे रखा जाए तो लोगों का खर्चा कम हो गया है जिसका सबसे ज्यादा फायदा मिडिल क्लास लोगों को हो रहा है। लॉकडाउन के दौर में मॉल, सिनेमाहॉल, रेस्टोरेंट, एम्यूजमेंट पार्क जैसी सेवाएं बंद हो गई जिससे लोगों का पैसा बच रहा है। 

हवा और प्राकृतिक वातावरण एकदम साफ सुथरा हो गया

गाड़ियों से निकलने वाले धुएं बंद हैं, फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं बंद, वर्क फ्रॉम होम होने के बाद ऑफिस में लगे भारी संख्या में एसी बंद हैं जिसका साफ असर हवा और हमारे पर्यावरण पर दिख रहा है। हवा पूरी तरह से साफ हो गई है, दिल्ली, मुंबई और चेन्नै जैसे शहरों में इतना साफ आसमान आपको बड़ी मुश्किल से ही देखने को मिलता था।