सारा खेल विश्वास का है

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सारा खेल विश्वास का है

आप ने एक कहावत तो जरूर सुनी होगी, ‘जस्य राजा तस्य प्रजा ! मतलब जैसा देश का राजा होता है, वैसी ही देश की जनता होती है। जिसका उदाहरण मोदी शासन में खूब देखने को मिल रहा है, पीएम मोदी और देश की जनता के बीच ऐसा रिश्त है कि पीएम अगर जनता से कुछ कहते हैं, तो जनता उस काम को तुरंत मानना शुरू कर देती है, वही खुद पीएम जो नियम जनता पर बनाते हैं, उसे खुद मानकर ये दिखाते हैं, कि वो भी उनकी तरह ही हैं। देश की जनता और मोदी जी के इस अटूट विश्वास के कुछ उदाहरण लेकर 

अब स्वच्छ भारत की बात हम आज आपके सामने लाये हैं।

पीएम मोदी ने देश को स्वच्छ बनाने की एक अपील देशवासियों से की, बस क्या था देश का हर नागरिक इस अभियान में जुड़ गया। अपने अपने इलाको में बिना सरकार के मदद के वो इलाके को चमकाने लग गए। जिसका परिणाम ये हुआ, कि आजादी के बाद देश खुले में शौचमुक्त हो सका तो हर गांव में शौचालय बन सके। हालांकि जनता के सहयोग से ये सब हुआ, लेकिन खुद पीएम मोदी ने किसी नेता की तरह सिर्फ इस बात को नारे की तरह नहीं बोली बल्कि वो खुद सफाई करते हुए देश के कई शहरों में देखे गये। जिससे पीएम मोदी और 130 करोड़ भारतीयों का एक दूसरे पर विश्वास और बढ़ा। 

योग को बढ़ावा देने में 

देश के पीएम मोदी देश को फिट रहने के लिए कई टिप्स देते रहते हैं, लेकिन योग के जरिये स्वस्थ जीवन का ज्ञान उन्होने समूचे विश्व को दिया है। योगा डे के तौर पर सारे संसार में योग किया जाता है। आज जिस तरह से पीएम मोदी जी ने देश की जनता को योग से जागरूक करवाया है, उसका असर है कि बुजुर्ग हो महिला हो या बच्चे, जवान सभी योग करते हुए देखे जा सकते हैं। लेकिन ये जोश सिर्फ कमरे में बैठकर उपदेश देने से नही हुआ है। संसार का कोई भी ऐसा व्यक्ति नही है जो ये न जानता हो कि मोदी हर दिन योग जरूर करते हैं।शायद यही जानकर जनता मोदी जी के साथ योग करके स्वस्थ भारत के सपने को सकार करने में जुट गई है। 

विपदा के वक्त मोदी जी के साथ जनता

जिस तरह से कोरोना वायरस के चलते, कठिन दौर इस वक्त देश पर छाया है, उसको देखते हुए चारो तरफ निराशा के बादल छाये हुए देखे जा सकते हैं। यहां तक कि दुनिया के ताकतवर नेता भी इस माहामारी से हार मान चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद भी हमारे प्रधान मोदी जी कोरोना के सामने हौसले की ऐसी दीवार बनाकर खड़े हैं कि मुश्किल वक्त में भी देश का हर नागरिक का जोश देखने वाला है। क्योंकि जनता को मोदी जी से विश्वास है कि वो बड़ी से बड़ी मुश्किलों को भी पल भर में दूर कर देंगे। तभी तो मोदी जी घर से न निकलने की विनती जनता से करते हैं और जनता एक पल में उनके साथ खड़ी दिखती है।वो रात को दीये जलाने को बोलते है जनता रात को ऐसा दीपदान करती है कि उस प्रकाश से अंधकार भी डर जाता है। कोरोनावीरों के लिये अभार जताने के लिए ताली, थाली बजाने को कहते हैं, जो सारा संसार शंखनाद से गूंज उठता है।

 अब उन्होंने गमछे को मास्क बनाकर पहनने की बात कही है। जिसे जनता ने हाथो हाथ लिया है। वैसे पीएम मोदी जी बस यूं ही कुछ नहीं बोल देते। उसके पीछे कुछ खास वजह भी होती है। मोदी जी ने गमछे को मास्क का रूप देने को इसलिये कहा है कि इससे एक तो मास्क की मांग भी कम होगी, तो दूसरा देश में गमछा बनाने वालों का रोजगार भी बढ़ेगा। इसीलिये तो देश की जनता उन पर कुर्बान होने के लिये तैयार है। जिसे देखकर यही लगता है कि ऐसा विश्वास अपने राजा से शायद ही कभी देखा गया होगा।

जब जब मोदी जी ने कठिन फैसले लिये देश उनके साथ खड़ा दिखा, फिर वो नोटबंदी का मामला हो या फिर धारा 370 हटाने का हो या GST लागू करने का जनता ने एक स्वर में उनका साथ दिया। वैसे हमने सतयुग में रामराज तो नहीं देखा, लेकिन ये जरूर कहूँगा कि जिस तरह से जनता मोदी जी पर विश्वास करती है, वैसे ही रामराज में जनता भगवान राम पर विश्वास करती होगी।  


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