आर्टिकल 370 ख़त्म करने से पहले सरकार ने घाटी की सुरक्षा के किये पुख्ता इन्तेजाम

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बीते सोमवार को कश्मीर की घाटी को MODI 2.0 की सरकार ने आर्टिकल 370 के बोझ से मुक्त कर दिया | सरकार ने अपने इस फैसले की तैयारी और इससे कश्मीर की घाटी पर होने वाले असर की पूरी तैयारी पहले ही कर ली थी इसका मतलब था की आर्टिकल 370 ख़त्म करने का फैसला रातों-रात लिए गए फैसलों में शामिल नहीं था | सरकर द्वारा बहुत सोच-समझकर और पूरी तैयारी के साथ लिए गए इस फैसले की योजना मोदी सरकार के पहले कार्यकाल से ही चल रही थी |

आपको याद होगा हमने आपको आर्टिकल 370 ख़त्म होने की जानकारी के कुछ दिन पहले ये भी बताया था की केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर घाटी में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की जा रही है | जब रक्षा मंत्रालय से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ये कहा की अतिरिक्त सुरक्षाबालों की तैनाती घाटी की सुरक्षा को बढ़ने के लिए लिया गया है | इससे भविष्य में होने वाले हर तरह की मुश्किल के लिए घाटी पूरे तरीके से तैयार रहेगी |

बता दे की जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को संसद में पेश करने से पहले ही भारतीय सेना ओर दूसरे सुरक्षा बलों ने कश्मीर में संभावित जोखिम वाले इलाकों की पहचान कर ली थी ताकि अनुच्छेद 370 के ख़त्म होने के बाद अगर हालात बिगड़ें तो उन्हें किस तरह नियंत्रित किया जाए | भारतीय सेना ने नॉर्थईस्ट में अतिरिक्त ब्रिगेड मंगाकर एलओसी पर तैनात कर दिए थे ताकि सीमा पार से भारत में पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों की घुसपैठ न करावा सके | भारतीय सेना के सूत्रों का कहना है की – ‘कुछ जगहों, खासकर दक्षिण कश्मीपर में स्थासनीय कमांडरों के विरोध प्रदर्शनों से निबटने की तैयारी शुरू कर दी थी। कुछ जगहों पर खुद आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने सेना की तैयारी का मूल्यांटकन किया।‘

बता दे की सेना को भी कश्मीर में हो रहे अतरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के असली मकसद के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया था पर उन्हें इस बात की जानकारी दी गयी थी की बहुत जल्द कश्मीर के लिए केंद्र कोई बड़ा एलान करने वाली है | और सरकार के निर्देशानुसार भारतीय सेना ने घाटी के सुरक्षा के जबरदस्त इन्तेजाम किये थे और इसी क्रम में भारतीय सेना ने पूर्वी कमांड से एक इन्फैं ट्री ब्रिगेड को कश्मीर की एलओसी पर तैनात कर दिया था जिसे आमतौर पर सालाना अमरनाथ यात्रा और गर्मियों में सीमापार से घुसपैठ की शुरुआत होने से पहले की जाती थी |

भारतीय रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर वर्तमान में कश्मीर की घाटी में मौजूद सभी सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है | सूत्रों के मुताबिक इस समय कश्मीर घाटी में करीब 250 सक्रिय आतंकवादी हैं लेकिन गौरतलब ये है की भारतीय सेना इनके सभी मंसूबों पर पानी फेरने के लिए पूरी तरह सक्रिय है |